कोरोना नेसूबे में कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होने पर चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। इसके तहत एक मेज से दूसरे मेज की कम से कम छह फिट की दूरी अनिवार्य कर दी गई है। इससे एक लाइन में सिर्फ सात टेबल ही लगाए जाएंगे।
जिले में दस मार्च से होने वाली मतगणना में कोरोना गाइड लाइन का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। सूबे में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होने पर चुनाव आयोग ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए मतगणना कराने के लिए कहा है। बगैर मास्क के कोई भी अभिकर्ता अंदर नहीं घुसने पाएगा। प्रवेश द्वार के साथ ही मतगणना परिसर में इसका पूरी तरह पालन कराने के लिए कहा गया है। दस मार्च से होने वाली मतगणना में एक पंडाल में 14 टेबल लगाए गए थे।
मगर अब एक पंडाल में सात टेबल ही लगेंगे। हर टेबल पर प्रत्याशी या उसका अभिकर्ता मौजूद रहेगा। जिसकी देख-रेख में ईवीएम से गणना की जाएगी। मतगणना स्थल पर किसी प्रकार के विवाद से निपटने के लिए माइक्रो आब्जर्वर लगाए जाएंगे। वे निष्पक्ष मतगणना में सहयोग करेंगे। अगर किसी टेबल पर कोई कर्मचारी मतगणना में गड़बड़ी करेगा, तो माइक्रो आब्जर्वर सीधे प्रेक्षक को रिपोर्ट देंगे।
मतगणना में मोबाइल रहेगा प्रतिबंधित
मतगणना में मोबाइल का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कोई कर्मचारी या अभिकर्ता मोबाइल लेकर पंडाल परिसर में दाखिल नहीं हो पाएंगे। मतगणना स्थल पर मौजूद अधिकारियों के पास ही मोबाइल रहेगा।
वीवीपैट की पर्ची से मतों की नहीं होगी गणना
जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों के सभी बूथों पर वीवीपैट मशीन लगी थी। वीवीपैट से निकलने वाली पर्ची से मतों की गणना नहीं होगी। अगर कोई प्रत्याशी मांग करता है, तो एक या दो बूथों के मतों की गणना पर्ची से होगी। अगर कोई प्रत्याशी सभी बूथों पर पड़े मतों की गणना वीवीपैट की पर्ची से कराना चाहता है तो, उसकी मांग खारिज कर दी जाएगी। प्रत्याशी जिस बूथ पर संदेह प्रकट करेगा, उस बूथ के मतों की गणना पर्ची से की जाएगी।
मतगणना में कोरोना गाइड लाइन का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। मतगणना पंडाल में रहने वाले सभी अभिकर्ता औश्र कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर और मास्क अनिवार्य किया गया है। -सुनील शुक्ला, एडीएम