राज्य विश्वविद्यालय की स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम सेमेस्टर एवं अंतिम वर्ष व स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं जुलाई माह में होंगी। परीक्षा में कोरोना संक्रमित छात्र-छात्राओं के शामिल होने की भी सहूलियत दी गई है। वहीं, परीक्षा केंद्रों पर कोविड-19 से बचाव के सभी प्रोटोकाल के पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरोना के कारण इस बार जिले में परीक्षा केंद्र पहले की अपेक्षा अधिक बनाए जाएंगे। एक कमरे में छात्रों के बैठने की व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ की जाएगी। परीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमित परीक्षार्थी को अलग कमरे में बैठाकर परीक्षा कराई जाएगी। केंद्रों पर पूरे परिसर में परीक्षा के पहले एवं बाद में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। फेस मास्क और थर्मल स्कैनिंग की भी व्यवस्था रहेगी।
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सत्र 2020-21 के वह छात्र जिन्होंने बैक पेपर परीक्षा फार्म भरे हैं, उनकी परीक्षाएं नहीं होंगी।
उनके बैक परीक्षा का परिणाम समस्त उत्तीर्ण लिखित प्रश्नपत्रों के अंक का औसत निकालते हुए जारी किया जाएगा। यदि कोई छात्र बैक पेपर में फेल हो रहा है तो उसे न्यूनतम उत्तीर्णांक प्रदान करते हुए परीक्षाफल पूर्ण किया जाएगा।