शहर में हजारों उपभोक्ताओं के सामने बिजली बिल व चिह्नित आरडीएफ (रीडिंग डिफॉल्टर) ने परेशानी खड़ी कर दी है। विभाग ने इस परेशानी को दूर करने के लिए आडीएफ बिल वाले उपभोक्ताओं को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। ऐसे 2100 प्रकरण सामने आ चुके हैं, जिनका निस्तारण अभियान चलाकर किया जाएगा।
आम शिकायत है उपभोक्ताओं को बिल आरडीएफ आ रहे हैं। हर महीने हो रही इस तरह के गड़बड़ बिल को ठीक कराने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं बिल जमा न होने से बिजली विभाग को राजस्व की हानि भी हो रही है।
अब ऐसे उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस गड़बड़ी को रोकने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। बृहस्पतिवार को अधीशाषी अभियंता मनोज अग्रवाल ने एसडीओ को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि पहले आरडीएफ बिल वाले उपभोक्ताओं को चिह्नित किया जाए।
आरडीएफ की शिकायतों को निस्तारण 31 दिसंबर तक करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर मामले को निस्तारित करने का भी आदेश दिया गया है। अभी तक तक बिजली विभाग ने 2100 आरडीएफ बिल चिह्नित किए हैं। सबसे अधिक रीडिंग डिफॉल्ट शहरी क्षेत्रों में है। इन्हें अगले एक माह में अभियान चलाकर सही कराया जाएगा।
अधिशाषी अभियंता मनोज अग्रवाल ने बताया कि 10 किलोवाट के घरेलू और वाणिज्यिक ने रीडिंग डिफॉल्ट की शिकायत की है। कुल 2100 मामले सामने आए हैं। जिन्हें अगले एक माह के अंदर निस्तारित कर दिया जाएगा।
क्या है आरडीएफ बिल
आरडीएफ बिल में उपभोक्ताओं के बिल पर गलत बिलिंग हो जाती है। यह गलत बिलिंग दो तरह से होती है। इसमें उपभोक्ताओं की ओर से गलत रीडिंग बताई जाती है या कर्मचारी गलत रीडिंग दर्ज कर देते हैं। ऐसी स्थिति में अक्सर आरडीएफ बिल बन जाता है।
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बिजली चोरी के 75 मामले निस्तारित
बृहस्पतिवार को बिजली चोरी के कुल 75 मामले निस्तारित किए गए। बिजली विभाग को 68 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। आसपुर देवसरा, चिलबिला और शहरी क्षेत्र में 1100 बिजली चोरी के मामले पंजीकृत हैं।