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ई-टेंडर नीलामी के चक्कर में रुका मेडिकल कालेज निर्माण

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जिला अस्पताल परिसर में ध्वस्त कराने के लिए चिन्हित भवन। - फोटो : PRATAPGARH
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जिला अस्पताल का निर्माण कार्य एक बार फिर थम गया है। दरअसल, अस्पताल परिसर के जर्जर भवन और कर्मचारियों के आवास तोड़े जाने हैं। शासन ने भवन के मलबे की नीलामी के लिए ई-टेंडर निकालने का आदेश दिया है। ई-टेंडर नीलामी न होने के कारण भवनों का ध्वस्तीकरण नहीं हो पा रहा है।
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सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ के लोगों को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। इसके लिए बजट भी पास कर दिया। राजकीय निर्माण निगम रायबरेली को मेडिकल कॉलेज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यदायी संस्था बेहद धीमी गति से कार्य करवा रही थी। बीते चार सितंबर को विकास योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के लिए प्रतापगढ़ आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि अगले सत्र से मेडिकल कॉलेज शुरू करा दिया जाएगा।
पूरे केशवराय में भवन तो जिला और महिला अस्पताल को एककर सात मंजिला भवन तैयार कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद मेडिकल कॉलेज के निर्माण ने तेजी पकड़ ली थी। कैबिनेट में जिला और महिला अस्पताल के जर्जर भवन को गिराए जाने के लिए प्रस्ताव भी पास हो गया। जर्जर भवन के मलबे को बेचने के लिए अब ई-टेंडर नीलामी होनी है।
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ई-टेंडर नीलामी की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण जर्जर भवन को जमींदोज नहीं किया जा रहा है। जबकि कार्यदायी संस्था ने भवन गिराए जाने के लिए रेड क्रास भी लगा दिया है। सप्ताह भर के अंदर सभी सरकारी कर्मचारियों को आवास को खाली करने के लिए आदेश दिया है, मगर अब तक एक भी कर्मचारी ने आवास खाली नहीं किया है।
भवन के मलबे का नहीं हो पा रहा ई-टेंडर
शासन के आदेश के बाद कार्यदायी संस्था के जनरल मैनेजर ने सीएमओ को पत्र भेजकर सरकारी भवन को खाली कराने और उसे तोड़वाने के लिए टेंडर निकालने के लिए कहा था। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसर परेशान हैं। अफसर तय नहीं कर पा रहे हैं कि कैसे भवनों का ध्वस्तीकरण कराया जाए।
नक्शे में भी गलती, अस्पताल में नहीं मिल रहे भवन
कार्यदायी संस्था की ओर से जो नक्शा सीएमओ आफिस में भेजा गया है वह गलत है। उसमें कई ऐसे भवन का नंबर अंकित कर दिया गया है जो अस्पताल परिसर में खोजे नहीं मिल रहे हैं। इतना ही नहीं दो भवनों का नंबर अंकित नहीं किया गया है, लेकिन उसे तोड़ने के लिए रेड क्रास लगवाने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के जेई को सौंप दी गई है। इससे जेई भी परेशान हैं।
जर्जर भवन को गिराए जाने के लिए ई-टेंडर कराना है। यह काम हो नहीं पा रहा है। इसलिए कुछ दिक्कतें आई हैं। भवन नंबर अंकित करने की बात देखी जाए तो एक-दो भवन का नंबर नहीं पड़ा है। इसके लिए कार्यदायी संस्था के जेई को बुलाया गया है। उनके लिखकर देने के बाद उस भवन को गिराया जाएगा। आरएन यादव, जेई, स्वास्थ्य विभाग।
ई-टेंडर नहीं हो पा रहा है। देवरिया में जर्जर भवन के मलबे की नीलामी के लिए टेंडर निकाला गया था। डीएम से बात कर देवरिया की तरह यहां भी काम कराया जाएगा। डॉक्टर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।
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