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पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में जारी रहा फोरलेन का निर्माण

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आसपुर देवसरा के सोनपुरा गांव में फोरलेन सड़क निर्माण के दुसरे दिन भी मौजूद रहे अधिकारी। - फोटो : PRATAPGARH
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आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सोनपुरा गांव में दूसरे दिन शनिवार को ग्रामीणों के हल्के विरोध के बीच पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में लखनऊ-वाराणसी हाईवे के फोरलेन का काम चलता रहा। निर्माण कार्य शुरू होते ही एक किसान ने मामला हाईकोर्ट में लंबित होने की बात करते हुए सीमांकन करने के लिए कहा। हालांकि प्रशासन ने सीमांकन नहीं किया, बल्कि उसके आगे से निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
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इलाके के सोनपुरा, देवरखा, पूरा व नगर ग्राम पंचायत से होकर गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी हाईवे के फोरलेन निर्माण का कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिग्रहीत जमीनों के मुआवजे का भुगतान सर्किल रेट के आधार पर नहीं किया गया है।
शुक्रवार सुबह करीब दस बजे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (के परियोजना निदेशक वाराणसी एसबी सिंह, प्रशासनिक अफसरों और पुलिस की मौजूदगी में सोनपुरा में हाईवे का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो रामनिरंजन गुप्ता, सूर्य नारायण मिश्र, दिलीप मिश्र, श्रीनाथ यादव, राज बहादुर मिश्र, कान्ती लाल दूबे समेत सैकड़ों किसान हंगामा करते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए।
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अधिकारियों के साथ बैठक में नोकझोंक होती रही। किसानों को आंदोलित होते देख फोर्स ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें जबरन सड़क से हटाकर काम शुरू करा दिया। एनएचआई वाराणसी के परियोजना निदेशक एसबी सिंह ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्देशानुसार हर हाल में निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
इस दौरान अगर कोई अराजकतत्व सड़क निर्माण में व्यवधान उत्पन्न करता है तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। 85 फीसदी किसानों के मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। कुछ लोग बेवजह राजनीति कर रहे हैं। मामले में विवादित स्थल की पांच गाटा संख्या के किसानों का मामला हाईकोर्ट में लंबित हैं। मुआवजा का निर्धारण हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन होगा।
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