400 लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार हो चुकी चिटफंड कंपनी के संचालक के करीबी वादे के बाद भी नहीं आए। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस अभी उसे जेल भेजने के मूड़ में नहीं है। जबकि रुपये मिलने की आस में लोग कोतवाली का चक्कर लगा रहे हैं। क्राइम ब्रांच की टीम अभी विवेचना नहीं की है।
शहर के भंगवा चुंगी के करीब करनपुर में मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड नाम से चिटफंड कंपनी अगस्त माह में खोली गई थी। सालिकराम जायसवाल के आवास में खुली चिटफंड कंपनी लोगों को 50 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक का लोन देने के लिए खाता खुलवाया। कुछ लोगों का पांच साल में जमा धनराशि दोगुना देने की बात कही थी। 40 दिन के भीतर ही करीब चार सौ लोगों ने कंपनी में खाता खुलवाया और सभी ने बीमा धनराशि व खाता खुलवाने वाली रकम भी करीब 40 लाख के आसपास जमा कर दी।
सभी के खाते में 13 सितंबर को रुपये भेजने की बात बताई गई थी। रुपये लोगों के खाते में देने से पहले ही कंपनी के कर्मचारी सामान समेटकर भाग निकले। भनक लगने पर लोगों ने कंपनी संचालक विपिन सिंह को बंधक बना लिया। दूसरे दिन जमकर हंगामा हुआ। पुलिस विपिन सिंह व मकान मालिक के बेटे आशीष जायसवाल को कोतवाली उठा ले गई।
कोतवाली में करीब 122 लोगों ने तहरीर दी लेकिन केवल सतीशचंद्र निवासी हरनाहरपुर थाना रानीगंज की तहरीर पर मनी स्पॉट म्यूचुअल निधि लिमिटेड के मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ।
हिरासत में लिया विपिन सिंह बार-बार अपना नाम व पता बदल रहा है। परिवार के लोगों के साथ ही करीबी रुपये लेकर आने के लिए पुलिस से वादा किए रहे लेकिन चार दिन बाद भी वे नहीं आए। मामले को क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया लेकिन सोमवार को किसी ने विवेचना ग्रहण नहीं की। सोमवार को भी सीओ सिटी अतुल शर्मा, नगर कोतवाल विपिन सिंह से पूछताछ करते रहे। दोनों को जेल नहीं भेजा गया। नगर कोतवाल ने बताया कि अब विवेचना क्राइम ब्रांच करेगी। जो गहन छानबीन के बाद ही हिरासत में लिए गए संचालक के खिलाफ कार्रवाई करेगी। रुपया मिलने की आस में लोग कोतवाली का चक्कर काटते नजर आए।