ठंड के साथ निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। बुधवार को बाल रोग विभाग की ओपीडी में 130 में 22 बच्चे निमोनिया पीड़ित मिले। चिकित्सक इलाज करने के साथ ही बच्चों को खतरे से बचाने के लिए जरूरी सलाह भी दे रहे हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक सर्दी के मौसम में बच्चों को निमोनिया का अधिक खतरा होता है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। इसलिए सरकार ने निमोनिया से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण में पीसीवी टीके को शामिल किया है।
राजा प्रताप बहादुर अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनिल कुमार ने बताया कि सर्दी बढ़ने के साथ वायरस, बैक्टीरिया और विभिन्न प्रकार के कीटाणु तेजी से प्रभावित कर रहे हैं। बच्चों को सर्दी-खांसी होने के बाद सीने में तेजी से बलगम जमा हो रहा है। इसके बाद यह तेजी से निमोनिया में बदल जाता है।
डॉ. अनिल के मुताबिक 15 दिन में निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या पांच गुना बढ़ी है। पहले एक या दो मरीज आते थे, अब इनकी संख्या 20 के पार हो गई है। बच्चों को टीकाकरण कराने की सलाह दी जा रही है। अभी तक निमोनिया से बचाव के लिए वैक्सीन बाजार से डेढ़ हजार में खरीदनी पड़ती थी, मौजूदा समय में अस्पताल में यह वैक्सीन मुफ्त में लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन दिनों निमोनिया पीड़ित 7 बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।