नगर कोतवाली के चिलबिला की रहने वाली कंचन भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर छिड़ी रार में दबंगों के आगे असहाय हो गई। तभी तो इंसाफ मांगते-मांगते थक चुकी कंचन ने मुख्यमंत्री को सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी। इस घटना ने पूरी व्यवस्था पर करारा तमाचा जड़ दिया है।
सीएम को संबोधित वीडियो भी कंचन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। जिसमें कहा है कि मैं आत्महत्या अपनी मर्जी से कर रही हूं। मेरे भाई सचिन, ऋषि व शशि ने मेरा साथ देने वाले भाई मनीष, अश्वनी व हर्षित को तंग कर दिया है। वे उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। जबकि उनका हिस्सा देने को वे सब तैयार हैं। वे धमकी देते हुए कह रहे हैं कि प्रशासन उनका कुछ नहीं कर सकता।
कंचन ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसके पिता मक्खनलाल के छह बेटे व पांच बेटियां हैं। वह दिव्यांग होते हुए भी बीस साल से ब्यूटी पार्लर के जरिये अपना जीविकोपार्जन कर रही है। भाइयों के उत्पीड़न की वजह से उसके पिता की 4 फरवरी 2023 को मौत हो चुकी है। 19 नवंबर की रात भू माफिया ने दबंगई के बल पर दुकान में ताला बंद करते हुए तोड़फोड़ की थी। शिकायत के बाद भी पुलिस व राजस्व विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पिता की वसीयत में सचिन को संपत्ति से बेदखल कर दिया गया है। उसने जबरन दूसरे भाइयों की दुकानों में भूमाफिया के साथ ताला बंद कर दिया।
प्रशासन से मिलकर दुकानों धारा 145 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में वह आत्महत्या कर रही है। यदि भाइयों को इंसाफ न मिला तो पूरा परिवार आत्मघाती कदम उठाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मेरे परिवार को न्याय मिलना चाहिए। ताकि उन लोगों के सामने गुजर बसर का संकट न उत्पन्न हो।
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सदर विधायक को भी सुनाई खरीखोटी, तीखी झड़प
दुकानों में ताला बंद होने के चलते कंचन के खुदकुशी की खबर पर विलंब से पहुंचे सदर विधायक को लेकर खासा आक्रोश रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उनके खिलाफ नारेबाजी भी हुई। चूंकि बाजार में ही विधायक का आवास है। लोगों का कहना था कि घटना के बाद वह मौके पर नहीं पहुंचे। दोपहर करीब 1.40 मिनट पर सदर विधायक पहुंचे। उन्हें देखते ही बहन अंजली आपा खो बैठी। इस बीच लोगों ने विधायक को खरीखोटी सुनाई। लोगों से उनकी तीखी झड़प भी हुई। हालांकि पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। विधायक ने कहा कि जो भी दोषी होगा , उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका कहना था कि एक दिन प्रकरण लेकर उनके पास लोग गए थे। उन्होंने अफसरों के पास जाने की सलाह दी। दोबारा उनके पास कोई नहीं गया। इस बीच नगर पालिका चेयरमैन हरि प्रताप सिंह भी पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोगों का कहना था कि एग्रीमेंट कराने वाले लोग विधायक के करीबी हैं। इसलिए पुलिस व प्रशासन उनकी नहीं सुनी।
साहब, मैंने भी रुपयाभी दिया, लेकिन पुलिसवालों ने नहीं की मदद
पुलिस अफसरों के पहुंचने पर मृतका का भाई हर्षित जायसवाल आपा खो दे रहा था। एसपी , एएसपी के सामने चौकी व कोतवाली पुलिस को रुपये देने के बाद भी काम न करने का वह आरोप लगाता रहा। उसका आरोप था कि रुपये लेकर भूमाफिया व उसके भाइयों की पुलिस व राजस्व विभाग मदद कर दी, लेकिन उन लोगों से रुपये लेकर भी मदद नहीं की गई। इस दौरान उसने कई बार पूरे खुद को परिवार समेत समाप्त करने की धमकी भी दी। व्यापारियों में पुलिस के रवैये को लेकर खासा आक्रोश था। नाराज लोग पुलिस चौकी में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को हटाने की भी मांग कर रहे थे।
छह घंटे बंद रहा हाईवे पर आवागमन, पैदल ही निकली सवारियां
चिलबिला मौर्या चौराहे पर जाम के चलते प्रयागराज- अयोध्या राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया। कोहड़ौर, नगर कोतवाली व कंधई थाने की पुलिस को वाहनों का रूट डायवर्ट करते हुए पट्टी, रानीगंज होकर भेजने को कहा गया। सवारियों को सोनावां व चिलबिला तिराहे पर वाहनों से उतारा गया। जो अपना सामान लेकर पैदल ही चलते नजर आए।
मंगाई गई सीढ़ी, कटर से कटवाई बिल्डिंग
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने मृतका के भाई मनीष और मां कृष्णा को समझा रहे थे। इस बीच कुछ लोगों ने कहा कि आरोपी शोरूम में छिपे हैं। जिसके एएसपी पूर्वी कंधई, नगर कोतवाल समेत कई चौकी प्रभारी के साथ शोरूम के पीछे पहुंचे। सीढ़ी लगाकर शोरूम के भीतर छानबीन कराई। वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद कटर मंगाकर दुकानाें व बिल्डिंग की दीवारें कटवाईं।
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एसडीएम सदर के खिलाफ भी रहा गुस्सा
चिलबिला के आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर पर भी नाराजगी जताई। कहा कि राजस्व विभाग के चलते चिलबिला के व्यापारियों की संपत्ति पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। प्रशासन, भूमाफिया व बदमाश किस्म के लोग व्यापारियों का उत्पीड़न करते हैं। बाजार की अधिकांश जमीन का विवाद राजस्व विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम है।