विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम में तैनात रहे बीडीओ राजीव पांडेय को पट्टी तबादले के बाद भी कुर्सी का मोह नहीं छूट रहा है। स्थानांतरण होने के बाद भी बीडीओ ने करीब 39 लाख रुपये का भुगतान करा लिया। इससे पहले भी कौशाम्बी स्थानांतरण होने के बाद धन निकासी का काम किया गया था। बीडीओ की हरकत विकास विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है।
सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने 31 जनवरी को 13 बीडीओ की नवीन तैनाती की। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश भी दिया। वहीं विकासखंड बाबा बेलखरनाथ में तैनात रहे बीडीओ राजीव पांडेय का स्थानांतरण पट्टी ब्लॉक के लिए किया गया। बावजूद इसके बीडीओ ने कुर्सी नहीं छोड़ी।
कुर्सी पर कब्जा जमाए रखते हुए 39,72,781 रुपये बजट का पैसा दो फरवरी को निकाल लिया। 233693 धनराशि 17 बार निकाली गई। बीडीओ बेलखरनाथ धाम की कुर्सी पर अंगद की तरह पैर जमाए रखने की कहानी पुरानी हो चुकी है। इसके पूर्व 16 जनवरी को उनका स्थानांतरण कौशाम्बी जनपद के लिए हुआ था।
शासन से स्थानांतरण का आदेश जारी होने के बाद भी बीडीओ ने 93,90572 रुपये निकाल लिए थे। किसी तरह जुगाड़ लगाकर स्थानांतरण को रुकवा लिया। एक बार फिर स्थानांतरण होने के बाद कुर्सी का मोह बीडीओ का नहीं छूट रहा है। सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने कहा कि फिलहाल इस मामले की जानकारी नही है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बीडीओ के कारनामे की शिकायत शासन तक
अधिवक्ता आरएन सिंह ने बीडीओ राजीव पांडेय के कारनामे की शिकायत आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग से भी कर चुके हैं। आरोप है कि सेक्रेटरी रहते हुए सुलतानपुर जनपद में शौचालय योजना में भ्रष्टाचार किया। बीडीओ बाबा बेलखरनाथ धाम रहते हुए हर घर तिरंगा अभियान में तिरंगे का भुगतान किए जाने के बावजूद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं पर दबाव डालकर दोबारा भुगतान कराया गया। तिरंगे की जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई। आयुक्त ग्राम्य विकास कार्यालय में संबद्ध करने के आदेश का भी बीडीओ पर कोई असर नहीं दिखा। संसदीय अध्ययन समिति के अध्यक्ष भी बीडीओ के खिलाफ शिकायत शासन से कर चुके हैं।