प्रसूता की मौत के मामले में छह माह बाद कोर्ट के आदेश पर गौरा सीएचसी के डॉक्टर समेत छह कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
फतनपुर क्षेत्र के नरायनपुर खुर्द निवासी धर्मेंद्र कुमार की पत्नी ऊषा देवी छह माह पहले गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उसने एक बच्चे को जन्म दिया लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के चलते प्रसूता की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा काटा।
पति ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी के निर्देश पर फतनपुर पुलिस ने गांव की आशा निर्मला देवी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरा के चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव तिवारी, स्टाफ नर्स ज्योति और गीता देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। फतनपुर एसओ राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित ने घूस मांगने और लापरवाही पूर्ण इलाज करने का मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जांच चल रही है।