पट्टी तहसील के बाद बृहस्पतिवार को रानीगंज के जरियारी गांव में जमीन के विवाद में मारपीट और फायरिंग हो गई। गोली लगने से एक ही परिवार की दो महिलाएं घायल हो गईं। जबकि युवती मारपीट में घायल हुई। पांच राउंड हुई फायरिंग से भगदड़ मच गई। घटनास्थल से दो कारतूस व खोखा बरामद हुआ है।
जरियारी निवासी लक्ष्मीनिधि यादव का पड़ोस के अजय सिंह से जमीन को लेकर कई सालों से विवाद चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार को अजय पक्ष के लोग ट्रैक्टर से खेत की जोताई करा रहे थे, जिसका लक्ष्मीनिधि के परिजन विरोध करने लगे। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते उनके बीच मारपीट व फायरिंग होने लगी।
गोली लगने से कृष्ण कुमार यादव की पत्नी गीता यादव (40) और अमरनाथ की पत्नी लालती यादव (55) के हाथ व पैर में गोली लगी। छर्रा लगने से लालती की आंख बाल-बाल बच गई। 21 वर्षीय अर्चना को भी चोटें आईं। पुलिस ने घायलों को रानीगंज ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां से लालती व गीता को मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
रानीगंज थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी व एएसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित व गांव के लोगों से पूछताछ की। खेत में जोताई कर रहे ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया।
लक्ष्मीनिधि का आरोप है कि उसने अपनी मां के नाम जमीन का बैनामा अजय के परिवार वालों से कराया था। बाद में जमीन का विवाद न्यायालय में चला गया। स्थगन आदेश के बाद भी आरोपी पक्ष कब्जा करना चाहता है।
चौकी प्रभारी पर लगाया आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप
लक्ष्मीनिधि यादव का आरोप है कि विवादित जमीन पर कब्जा करने व फायरिंग करने वालों को चौकी प्रभारी जामताली संरक्षण दे रहे हैं। पुलिस अफसरों के सामने भी पीड़ित परिवार के लोग चौकी प्रभारी पर आरोप लगाते रहे। बुधवार को तहसीलदार रानीगंज के पास दोनों पक्ष पहुंचे थे, जहां से दोनों पक्षों को विवाद करने से मना कर दिया गया। कहा गया था कि राजस्व विभाग जल्द निस्तारण कराएगा।
6 बिस्वा जमीन का कराया था बैनामा
जरियारी के सोनू सिंह (अजय सिंह के पारिवारिक सदस्य) से लक्ष्मीनिधि ने अपनी मां विमला देवी के नाम छह बिस्वा जमीन का बैनामा छह माह कराया था। उस गाटा संख्या में सोनू के परिवार की जमीन शेष बची हुई थी। परिवार के लोगों ने बंटवारा न होने का हवाला देते हुए खारिज दाखिल पर आपत्ति लगा दी थी। इसके बाद से उनके बीच विवाद चला आ रहा है।