प्रताप बहादुर चिकित्सालय परिसर में स्थित पुराना महिला अस्पताल भवन। संवाद
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डफरिन परिसर के 13 पुराने व जर्जर हो चुके भवनों पर जल्द ही बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद ट्रामा सेंटर व नए वार्डों का निर्माण किया जाएगा। इससे मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
जिला और महिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाया गया है।
अस्पताल का नाम बदलकर राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय रख दिया गया। डफरिन वाले भवन में होम्योपैथिक अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। अब डफरिन परिसर में स्थित एलटू वार्ड और सीएमएस आवास के अलावा चिकित्सकों के आवास, ऑपरेशन थियेटर समेत 13 भवनों को तोड़ने की स्वीकृति शासन से मिल गई है। भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद नए वर्ष से मेडिकल कॉलेज परिसर में ही ट्रामा सेंटर और 100 बेड के अलग से वार्ड का निर्माण कराने की तैयारी है।
इससे जिले के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देशदीपक आर्य ने बताया कि जर्जर भवनों को चिन्हित कर ध्वस्तीकरण के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। रिपोर्ट मिलने के बाद अब भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ होगी।
ट्रामा सेंटर के साथ 100 बेड का अलग से वार्ड तैयार कराया जाएगा। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन कक्ष भी डफरिन परिसर में ही संचालित करने की तैयारी है। होम्योपैथिक अस्पताल का संचालन डफरिन के भवन में ही होगा।