बहस्थानीय थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर में बहन की हत्या करने के आरोपी भाई को तीन दिन बाद पुलिस ने जेल भेज दिया। उसकी पत्नी को थाने से छोड़ दिया गया। जबकि उसकी निशानदेही पर घर के पीछे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ था। इतना ही नहीं, पति के शरीर पर लगे खून के धब्बे गर्म पानी से साफ करने के बाद कपड़ों को जला दिया था। फिर भी पुलिस आरोपी की पत्नी पर मेहरबान बनी है।
जेठवारा थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर की रहने वाली कालिंदी उर्फ गुड़िया की रविवार की रात दो बजे मोबाइल के विवाद में सगे भाई धीरज शुक्ला ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद धीरज पुलिस को बरगलाने में लगा था लेकिन, परिवार के लोगों से पूछताछ के बाद जेठवारा पुलिस धीरज और उसकी पत्नी कंचन को हिरासत में लेकर थाने चली गई। इस मामले में मृतका की मां विद्या देवी की तहरीर पर पुलिस ने धीरज के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
तीन दिनों तक धीरज व उसकी पत्नी को थाने के लॉकअप में रखने के बाद जेठवारा पुलिस ने बुधवार को लिखापढ़ी के बाद बहन की हत्या करने के आरोपी धीरज को जेल भेज दिया। उसकी पत्नी कंचन की निशानदेही पर घर के पीछे से घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। मृतका की मां व बहन का आरोप है कि कंचन से मोबाइल को लेकर हुए विवाद में कालिंदी की हत्या की गई। कंचन के उकसाने पर ही धीरज ने बहन को गोली मार दी।
घटना के बाद कंचन ने खून साफ करने के लिए उसे गर्म पानी दिया और खून लगे कपड़ों को जलाकर साक्ष्य मिटाया मगर, पुलिस ने उसे निर्दोष बताते हुए छोड़ दिया। हालांकि थाने से छूटने के बाद वह अपने घर नहीं गई। सीओ सदर पवन त्रिवेदी ने बताया कि मृतका की मां ने जो तहरीर दी थी उसमें केवल बेटे धीरज का ही आरोपी बनाया था। विवेचना के दौरान यदि उसकी संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सचिवालयकर्मियों पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
मृतका कालिंदी गुड़िया की मां विद्या देवी ने आरोप लगाया कि लखनऊ के सचिवालय में कंचन के परिवार के लोग कर्मचारी हैं। घटना के बाद वे पुलिस पर दबाव बनाते रहे। जिसके चलते पुलिस ने कंचन पर आरोप होने के बाद भी उसे छोड़ दिया।
एसपी के आने से पहले पीड़ित परिवार के घर पहुंचे थानेदार देते रहे सलाह
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल मंगलवार की शाम अचानक जेठवारा थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। इससे पहले आनन-फानन में थानेदार भागकर रामचंद्रपुर पहुंचे। वहां पीड़ित परिवार के लोगों का बयान दर्ज किया। मृतका के भाई देवेंद्र शुक्ला पप्पू का कहना था कि थानेदार ने सभी को समझाया कि कंचन के बच्चे हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो जाएगा। घटना में अब उसके नाम से दूरी बना लो। थानेदार की नसीहत के बाद परिवार के लोग भी मौन साध गए।