Broken hope of youth, voter ID card of new voters did not reach home
- फोटो : REUTERS
निर्वाचन आयोग के आदेश के बावजूद भी नए मतदाताओं का वोटर आईडी कार्ड उनके घर तक नहीं पहुंच सके। जबकि निर्वाचन आयोग ने इस बार स्पीड पोस्ट से मतदाताओं का वोटर आईडी कार्ड घर तक पहुंचाने का निर्देश दिया था। पहचान पत्र न मिलने से युवा मतदाता निराश हैं।
मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी मतदाता का वोटर आईडी कार्ड मिलाते हैं। इसके बाद मतदान करने देते हैं। इसी के चलते चुनाव आयोग ने वोटर आईडी कार्ड को सुरक्षित मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए इस बार पोस्ट ऑफिस का सहारा लिया। जिससे राजस्व विभाग से लेकर बीएलओ के बीच होने वाली गड़बड़ी से बचा जा सके। इसके लिए आयोग को लाखों रुपये खर्च भी किए। इसके बावजूद वोटर आईडी कार्ड विभाग ने स्पीट पोस्ट के जरिए मतदाताओं के घर तक नहीं पहुंचा सका।
मतदाता पहचान पत्र को स्पीड पोस्ट करने की जिम्मेदारी संग्रह अमीनों को दी गई थी, जो कई दिन तक पैकिंग और भेजने के काम में लगे रहे। मतदान में मात्र एक दिन बचे हैं लेकिन अभी भी तमाम युवाओं के वोटर आईडी कार्ड नहीं मिले। आशीष मिश्र, रेशमा, ऑचल, नेहा, सूरज, खूशी, विनीत आदि ने वोटर आईडी कार्ड नहीं मिलने की शिकायत भी की है।
जबकि एसडीएम का कहना है कि जिनके पास मतदान पहचान पत्र नहीं पहुंचा है यदि मतदाता सूची में उनका नाम है तो वे बूथ पर जरूर जाएं। आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक भी दिखाकर मतदान कर सकते हैं। मतदाता पहचान पत्र डाक के माध्यम से भेजा गया है। हो सकता है कि किसी कारण बस पहुंचने में दिक्कतें हुई हो।