कुंडा तहसील में वरासत फार्म जमा करने को लगा लेटर बाक्स।
- फोटो : PRATAPGARH
वरासत के लिए नहीं करनी होगी लेखपालों की परिक्रमा
तहसील में लगे बाक्स में फार्म डालने से भर से हो जाएगा काम
विवादित और लंबित वरासत के लिए नई पहल
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। वर्षों से वरासत के लिए लेखपाल की खुशामद और परिक्रमा कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें इसके लिए दौड़भाग नहीं करनी होगी। सिर्फ एक फार्म भरकर तहसील में लगे वरासत के बाक्स में डालना होगा। इतने भर से ही काम हो जाएगा। बाद में उसकी नकल लेखपाल उन्हें खुद बुलाकर देंगे।
वरासत एक ऐसी प्रक्रिया है जो हर किसी के लिए समस्या का सबब बनती है। इसमें लेखपालों के समय से न मिलना और सारे कागजात समय पर न दे पाना भी शामिल है। लोग वरासत को पहले हल्के में लेते हैं बाद में जब समय खत्म हो जाता है तो इसमें परेशानी खड़ी हो जाती है। खासतौर से उस समय तो यह ज्यादा ही जटिल हो जाता है जब इसमें कोई आपत्ति हो जाती है। इसके चलते वरासत न होने की शिकायतें होने लगती हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए एसडीएम कुंडा विजय पाल सिंह ने एक नई व्यवस्था की है। लंबित वरासत के लिए तहसील में एक बोर्ड लगाया है। इसमें एक फार्म का जिक्र किया गया है। फार्म का पूरा विवरण देने के साथ ही नीचे एक बाक्स लगा दिया गया है। कोई भी व्यक्ति लम्बि वरासत कराने के लिए फार्म भरकर उसमें अपने सारे कागजात लगाकर इस बक्से में डाल सकता है। शाम को इस बक्से को एआरके रामलोचन खोलकर सारे फार्म कागज निकालेंगे। इसके बाद संबंधित लेखपाल को उसकी जांच करने के लिए दे दिया जाएगा। जांच के बाद स्वयं ही वरासत करके खतौनी लेखपाल को दे दी जाएगी। लेखपाल की जिम्मेदारी होगी कि वह खतौनी उस व्यक्ति तक पहुंचा दे। इससे लोगों को बार-बार न तो तहसील का चक्कर लगाना पड़ेगा और न ही लेखपाल केा खोजना पड़ेगा।