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61 हजार बुजुर्गो को दिया जाएगा बुस्टर डोज

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कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए जिले के 60 हजार बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जाएगी। इनमें से दस हजार बुजुर्ग ऐसे हैं जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। इन लोगों को वैक्सीन की दो डोज लग चुकी है।
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ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर के साथ बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी। शासन की गाइड लाइन मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है।
हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर के साथ समय पर कोरोना की पहली और दूसरी डोज लेने वाले जिले के 61 हजार बुजुुर्गों को बूस्टर डोज के लिए चिह्नित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक, इनमें से दस हजार बुजुर्ग ऐसे हैं जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। दस जनवरी से इन्हें बूस्टर डोज दी जाएगी। बूस्टर डोज के लिए पहले सीएचसी में टीकाकरण शुरू किया जाएगा। जिससे किसी प्रकार की दिक्कत होने पर चिकित्सक तत्काल इलाज कर सकें।
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गांवों में कैंप लगाए जाने पर चिकित्सक नहीं पहुंच पाएंगे। जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है। 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए रोग प्रमाणपत्र नहीं देना होगा।
बुजुर्ग चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाओं की पर्ची दिखाकर बूस्टर डोज लगवा सकेंगे। केंद्र सरकार के आदेशानुसार संक्रमितों के बीच में रहने वाले स्वास्थ्यकर्मी तथा फ्रंटलाइन वर्कर्स को 10 जनवरी से तीसरी डोज लगनी शुरू हो जाएगी। इसके लिए उनको कहीं पंजीकरण नहीं करवाना होगा, केवल आधारकार्ड लेकर नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीका लगवाने जाना होगा।
आज से ढाई लाख किशोरों को लगेगा कोरोना का टीका
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आए दिशा-निर्देश के बाद सोमवार से 15 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों कोवैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा किसी दूसरी कंपनी का टीका किशोरों को नहीं लगाया जाएगा। पहले दिन शहर के केपी, जीआईसी और जीजीआईसी में टीकाकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक ब्लॉक के तीन-तीन विद्यालयों में कैंप लगाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण करेगी। टीकाकरण के दौरान किशोरों को आधारकार्ड नहीं देना होगा। विद्यालय की ओर से जारी परिचय पत्र देखकर टीकाकरण किया जाएगा।
दूसरी और बूस्टर डोज में 9 महीने का अंतर जरूरी
एसीएमओ डॉक्टर सीपी शर्मा ने बताया कि उन बुजुर्गों को ही बूस्टर डोज दी जाएगी, जिन्होंने वैक्सीन की खुराक नौ महीने पहले ली है। यही नियम फ्रंटलाइन वर्कर्स और स्वास्थ्यकर्मियों पर भी लागू है। इन लोगों को 10 जनवरी से तीसरी डोज लगनी शुरू हो जाएगी।
बुजुर्गों को रोग प्रमाणपत्र दिखाने की जरूरत नहीं है। चिकित्सकों की सलाह पर उनको बूस्टर डोज दी जाएगी। 60 हजार बुजुर्गों (60 वर्ष से ऊपर) को दूसरी डोज लगाई गई थी। बूस्टर डोज के लिए नौ महीने का अंतर जरूरी है।
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-डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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