पेट दर्द से अगर परेशान हैं और मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराने की सोच रहे हैं तो आज नंबर लगाएंगे तो 15 दिन बाद अल्ट्रासाउंड करने की तिथि दी जाएगी। प्रतीक्षा सूची इतनी लंबी है कि मरीजों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी में हजार रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड जांच करानी पड़ रही है।
मरीजों के पेट में दर्द, गर्भवती महिलाओं के इलाज के पहले चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच लिख देते हैं। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड जांच कराने आने वाले मरीजों को 15 दिनों के बाद का नंबर देकर घर भेज दिया जाता है। वहीं, सीटी स्कैन तो तत्काल हो जाता है मगर रिपोर्ट के लिए एक माह बाद बुलाया जाता है।
डिजिटल एक्सरे कराने पर रिपोर्ट ही नहीं दी जाती है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मजबूरन उन्हें निजी पैथोलॉजी में एक से डेढ़ हजार रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड तो पांच हजार रुपये खर्च कर सीटी स्कैन की जांच करानी पड़ रही है। जबकि मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड मुफ्त में तो सीटी स्कैन की जांच पांच सौ रुपये में होती है।
बोले मरीज
पेट दर्द से परेशान हूं। चिकित्सक पथरी होने की अंदेशा जता रहे हैं, डॉक्टर की सलाह पर जांच कराने मेडिकल कॉलेज के अल्ट्रासाउंड विभाग में पहुंचा तो 28 अगस्त को बुलाया गया। मजबूरन निजी पैथोलॉजी में जांच करानी पड़ी। वीरेंद्र मिश्र, पूरे गुलाबराय।
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मेडिकल काॅलेज में इलाज कराने आइए तो चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच लिख देते हैं। रेडियोलॉजिस्ट के कक्ष में जाइए तो 15 से 20 दिनों के बाद आने को बोलते हैं। - सुधा त्रिपाठी, पूरे पितई, अरविंद नगर।
बोले अफसर
रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। इसलिए दिक्कतें हो रही हैं। उम्मीद है कि सितंबर तक एक रेडियोलॉजिस्ट और मिल जाएगा। जिसके बाद समस्या दूर हो जाएगी। - डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस।