अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को जिला अस्पताल स्थित ब्लडबैंक में आयोजित शिविर में 16 महादानियों ने दूसरों की जान बचाने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान किया। महादान करने वालों में प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले अधिकारियों के साथ ही समाजसेवी भी शामिल रहे।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ब्लड बैंक में लगे शिविर का एडीएम सोमदत्त मौर्य ने सुबह फीता काटकर शुभारंभ किया। दोपहर दो बजे तक 16 महादानियों ने रक्तदान किया। दर्जनों लोगों ने रक्तदान करने के लिए अपना पंजीयन भी कराया। सबसे पहले शिविर में पहुंचे पश्चिमी सहोदरपुर निवासी डॉ.विकास तिवारी व उनके भाई ज्ञानेश तिवारी ने रक्तदान किया। इसके बाद गाजीपुर जनपद के गणेश इलाई के रहने वाले पॉलीटेक्निक छात्र शैलेश कुमार तिवारी, देल्हूपुर मानधाता निवासी अरविंद कुमार सिंह, अरविंद सिंह, प्रतापगढ़ के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राकेश प्रताप सिंह, अंतू के पूरे अंती निवासी शिवकुमार यादव, महुआर निवासी राजबहादुर, नया मालगोदाम रोड निवासी विकास कुमार रावत, अंतू उमरी निवासी भाजपा नेता अच्युतानंद पांडेय, शिवजीपुरम् निवासी वीरेंद्र प्रताप सिंह, उमरी बुजुर्ग जेठवारा निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह, 108 एंबुलेंस के ईएमटी बनारस के पश्चिमपुर निवासी विजय कुमार व सराय संसारी साहबगंज निवासी प्रदीप कुमार मौर्य व मनोज मौर्य के साथ ओरैया जनपद के हिम्मतपुर मकूनपुर निवासी 108 एंबुलेंस के चालक रामजी गुप्ता ने शिविर में रक्तदान किया। शिविर के समापन के बाद पहुंचे कोहड़ौर के बारा सराय निवासी विवेकानंद ने महादान किया। उधर, सीएमओ यूके पांडेय, एसीएम एमनारायण, डीपीएम राजशेखर, रुस्तम, विकास विक्रम, आशीष, ब्लड बैंक कर्मचारी पवन नंदन, रोशनलाल ऊमरवैश्य, विवेक यादव, अजय कुमार यादव, पीपी मिश्र ने भी शिविर में रक्तदान के लिए पंजीयन कराया।
नया माल गोदाम रोड पश्चिम सहोदरपुर निवासी ज्ञानेश तिवारी की माता की वर्ष 2012 में हर्ट की सर्जरी हुई। इस दौरान ज्ञानेश को कई यूनिट रक्त की व्यवस्था करनी पड़ी थी। इसी बीच उनके पिता अशोक कुमार तिवारी (राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित प्रधानाचार्य ) को अगस्त 2016 में कैंसर हो गया। वर्ष 2017 में उनकी मौत हो गई। इसके बाद से वह अपने भाई के साथ लगातार रक्तदान कर रहे हैं।
इलाहाबाद बलराम हाऊस कचहरी निवासी स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी डा. राकेश प्रताप सिंह ने 28वीं बार बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में पहुंचकर महादान किया। डॉ.आरपी सिंह की मानी जाए तो उन्हें दस वर्ष पहले स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिली। वे नौकरी से पहले भी रक्तदान करते थे। उन्होंने अपना नेत्र भी दान कर दिया है।
समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य सुबह आठ बजे से ही ब्लडबैंक में रक्तदान करने वालों को जूस पिलाते रहे। उधर, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ.सुरेश सिंह ने भी रक्तदाताओं के लिए फ्रूटी, बिस्किट आदि की व्यवस्था कर रखी थी।