सरकार के तमाम प्रयास के बाद भी अधिकारी किसानों की मदद करने के लिए तैयार नहीं हैं। गौरा ब्लाक के एक किसान ने फसल में लगे रोग के लिए कृषि रक्षा केंद्र से दवा ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। स्थानीय अधिकारियों से कोई मदद न मिलने पर उसने पीएमओ कार्यालय में शिकायत की। पीएमओ कार्यालय के निर्देश पर बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के वैज्ञानिकों की टीम बुधवार को गौरा ब्लाक के लपकन शेखूपुर गांव पहुंची। टीम ने उड़द की फसल में लगे रोग का निरीक्षण कर उपचार का तरीका बताया।
गौरा ब्लाक क्षेत्र के लपकन गांव निवासी अरुण कुमार तिवारी ने दो बीघे उरद की फसल की बुवाई कर रखी थी। पंद्रह दिन पहले फसल में पीला रोग लग गया। किसान स्थानीय कृषि रक्षा केंद्र से दवा लाकर छिड़काव किया, लेकिन फसल में सुधार नहीं हुआ। फसल में रोग और ज्यादा बढ़ने पर कृषि मंत्रालय दिल्ली शिकायत की। कोई जवाब न मिलने पर आनलाइन प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कार्रवाई करते हुए एक टीम गठित कर फसल के निरीक्षण के लिए भेजा। बुधवार को सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी डा. जेया राम एम, क्षेत्रीय वैज्ञानिक डा.अनिल सिंह, केंद्रीय एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन केंद्र जैविक भवन लखनऊ के डाक्टर राजीव कुमार ने पहुंचकर फसल के रोगों का निरीक्षण कर उपाय बताया। उन्होंने बताया कि उड़द की फसल रोग ज्यादा समय से होने के कारण नष्ट हो चुकी है। अब दवा से उपचार करना उचित नहीं है। इस दौरान चिंतामणि तिवारी, प्रधान कृष्णा पटेल, कमला प्रसाद, रामजतन यादव, मनोज यादव, मनोज तिवारी, सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।