मूक और बधिर दिव्यांगों के लिए राहत की खबर है। अब प्रमाण पत्र बनवाने के पहले जांच के लिए लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। जनवरी से पहले मेडिकल कॉलेज में बेरा जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। सीडीओ डॉ. राम मोहन मीना ने इसके लिए प्राचार्य को निर्देश दिया है।
प्राचार्य डॉ. सोमनाथ ने बताया कि बेरा जांच न होने से मरीजों को लखनऊ रेफर करना पड़ता है। किराया-और समय दोनों बर्बाद होता है। नई मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलते ही जांच मशीन की खरीद की जाएगी। सुविधा शुरू होने के बाद सुनने की क्षमता की सटीक जांच मेडिकल कॉलेज में होगी।
दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जिले में ही बनेगा। साथ ही मरीजों का इलाज भी मेडिकल कॉलेज में संभव हो सकेगा। रोज 8 से 10 मरीज जांच के लिए भटकते हैं। नई सुविधा से हजारों दिव्यांगों को सीधा फायदा मिलेगा।