अंतू थाने के प्राथमिक विद्यालय उपाध्यायपुर में छात्रा के गायब होने के बाद जुटे ग्रामीण व परिजन।
स्कूल से छात्रा को ले गई मौसी, परिजनों का हंगामा
- शिकायत पर पुलिस ने मौसी व प्रधानाध्यापक को थाने बुलाकर की पूछताछ
जगेशरगंज। प्राथमिक विद्यालय उपाध्यायपुर में पढ़ने आई दो बहनों को उनकी मौसी अपने साथ कार से ले गई। एक भांजी को रास्ते में उतार दिया। जबकि एक को अपने साथ ले गई। जिससे आक्रोशित परिजनों ने बृहस्पतिवार की सुबह स्कूल पहुंचकर हंगामा काटा। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने प्रधानाध्यापक व मौसी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। हालांकि देर शाम तक मामले का कोई हल नहीं निकला।
उपाध्यायपुर निवासी सजन लाल वर्मा की शादी आठ साल पहले नीम डबहा पारा हमीदपुर में हुई थी। कुछ दिनों बाद सड़क दुर्घटना में सजन की पत्नी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उस समय उसकी बेटी पलक छह माह की थी। उसकी परवरिश ननिहाल के लोगों ने की थी। पिछले साल ही सजनलाल पलक को अपने घर ले लाया और उसका नाम प्राथमिक विद्यालय उपाध्यायपुर में वह लिखवा दिया। बुधवार को पलक अपनी सौतेली बहन मन्नत के साथ स्कूल आई थी। दोपहर में पलक की मौसी रेशमा वर्मा कार से कुछ लोगों के साथ स्कूल पहुंची। प्रधानाध्यापक फूलचंद से भांजी पलक से बात करने की अनुमति मांगी। कुछ देर बाद मौसी रेशमा भांजी पलक वर्मा और मन्नत को कार में बैठाकर चली गई। मन्नत को कार से जगेशरगंज में उतार दिया। वह किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को मामले की जानकारी दी। छात्रा की खोजबीन के दौरान पिता व प्रधानाध्यापक ने पुलिस को तहरीर दी। छात्रा पलक के मामले में प्रधानाध्यापक की ओर से बरती गई लापरवाही से आक्रोशित परिजन व ग्रामीण बृहस्पतिवार को स्कूल पहुंचकर हंगामा करते हुए पठन-पाठन का कार्य बंद करा दिया। अफरातफरी के बीच स्कूल पढ़ने आए आठ विद्यार्थियों को छुट्टी दे दी गई। अंतू थानाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह ने बताया कि बचपन से ही पलक वर्मा का पालन पोषण ननिहाल वाले कर रहे हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मौसी को ले जाने का तरीका गलत है। कोर्ट के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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दो दिन पहले पलक का दर्ज हुआ था बयान
बाल कल्याण समिति के अधिकारी अजय मिश्रा व विभागीय टीम दो दिन पहले घर पहुंचकर पलक वर्मा का बयान लिया। उसकी सौतेली मां का भी बयान दर्ज किया गया था। उसकी सुरक्षा की भी जानकारी ली थी।