पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायती पत्र देने के बाद बुधवार को एक परिवार के तीन सदस्यों ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने सभी को पकड़ लिया और कोतवाली भेजा। वहां पूछताछ के बाद पिता-पुत्री का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया।
शहर के टक्करगंज निवासी हिमांशु सिंह का पड़ोसी से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। वह समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र दे चुका है। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बुधवार को वह अपनी समस्या लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। इसके बाद हिमांशु अपनी बेटी गरिमा व पत्नी के साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि, उनकी कोशिश परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने नाकाम कर दिया।
तीनों को नगर कोतवाली भेजा गया। नगर कोतवाल सुभाष यादव ने बताया कि हिमांशु व उसके परिवार वालों के खिलाफ पड़ोसी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज है। सीओ सिटी प्रशांत राज का कहना है कि विवाद को देखते हुए विवादित जमीन के निस्तारण तक धारा 145 के तहत एसडीएम को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। इसके बाद भी हिमांशु का पक्ष आए दिन विवाद करता रहता है।
साथी का मोबाइल छीनकर डाटा डिलीट करने पर भड़के अधिवक्ता
हिमांशु सिंह व उनके परिजनों के आत्मदाह की कोशिश करते समय अधिवक्ता पवन मिश्रा मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। तभी पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल छीनकर सीओ सिटी प्रशांत राज को दे दिया। अधिवक्ता का आरोप है कि पहले वीडियो डिलीट किया गया। इसके बाद उसके मोबाइल का पूरा डाटा डिलीट कर दिया गया, जिसमें मुकदमे व वादकारियों से संबंधित अहम दस्तावेज थे। इससे नाराज अधिवक्ता हंगामा करते हुए जिला जज व बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की। इस घटना से अधिवक्ताओं में खासा आक्रोश है।