पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान आरोपियों से बातचीत की प्रक्रिया को रिकार्ड किया गया है। जेल परिसर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित पहले गेट पर पुलिस व पीएसी का कड़ा पहरा लगा है। जेल परिसर के आसपास मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
उधर जेल अधीक्षक से लेकर पुलिस के आला अफसरों ने इस प्रकरण पर कुछ भी बोलने से इनकार किया। जेल प्रशासन का दावा है कि आरोपी शूटरों की सुरक्षा को लेकर जांच प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखने का निर्देश उच्च अधिकारियों से मिला है।
कस्टडी रिमांड में एसआईटी कुछ हासिल नहीं कर पाई
बताते चलें कि प्रयागराज में आरोपियों की एसआईटी ने पांच दिन की कस्टडी रिमांड ली थी, लेकिन उनसे कोई राज नहीं उगलवा पाई। ऐसे में अब एसटीएफ द्वारा रात में जेल में जाकर आरोपियों से पूछताछ करना कई सवाल भी खड़े कर रहा है।