कोहड़ौर में किशोरी संग छेड़खानी का विरोध करने पर पिटाई से मृत चचेरे बाबा का शव बृहस्पतिवार को घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित परिजन अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़ गए। इसे लेकर पुलिस से तकरार भी हुई। हालांकि एसडीएम पट्टी व सीओ के समझाने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। बवाल की आशंका में 10 थानों की पुलिस व पीएसी मौजूद रही।
छह जुलाई को छेड़खानी की शिकायत लेकर थाने जाने के दौरान हमलावरों ने किशोरी के बाबा और मां को पीटा था। साथ ही बीच बचाव के दौरान चार युवकों को भी चोटें आई थीं। प्रयागराज के एसआरएन में बुधवार की शाम बाबा की मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस महकमा बवाल की आशंका में सतर्क हो गया।
बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। परिजन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आर्थिक सहायता, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, सरकारी नौकरी, केस दर्ज न होने, फास्ट ट्रैक में मुकदमा, कृषि योग्य जमीन का पट्टा की मांग करने लगे। सपा नेता व पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह यादव मुन्ना, इंद्रदेव तिवारी, सदर विधायक के प्रतिनिधि अरुण मौर्य समेत अन्य लोग मृतक के घर पहुंचे और बातचीत की।
कुछ देर बाद एसडीएम पट्टी तनवीर अहमद, सीओ सिटी शिवनारायण वैश भी पहुंचे और मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे कंधई व कोहड़ौर पुलिस की निगहबानी में परिजन शव लेकर शृंग्वेरपुर रवाना हुए। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेंद्र लाल ने कहा कि अभी तक घटना में शामिल 25 हजार के 10 इनामियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दो नामजद फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
चार इनामी आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
बुधवार रात पुलिस ने दबिश देकर फरार चल रहे प्रिंस मिश्रा उर्फ छोटू, रंजीत कुमार, विनोद मिश्रा व नीतेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा। कोहड़ौर थानाध्यक्ष धनंजय राय का कहना है कि दर्ज मुकदमे में पॉक्सो व हत्या की धारा बढ़ाई गई है।
भीम आर्मी सेना को रोकने के लिए सात किमी के दायरे में हुई घेराबंदी
वहीं, बुजुर्ग की हत्या का भीम आर्मी सेना ने विरोध किया और प्रदर्शन करने की धमकी दी। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार की सुबह मृतक के घर से सात किमी के दायरे में 10 थानों की पुलिस के साथ पीएसी, वज्र वाहन तैनात कर दिए। गांव की भी पुलिस ने घेराबंदी कर दी। बाहरी लोगों के प्रवेश पर पुलिस की निगाह थी। भीम आर्मी सेना के नेताओं व कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस मदाफरपुर, चिलबिला, कोहंडौर, किशुनगंज, मकूनपुर लौली में मुस्तैद रही।