अधिवक्ता के बेटे की हत्या में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी को एसटीएफ प्रयागराज की टीम ने बुधवार को पिपरी मोड़ के पास से दबोच लिया। उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुुआ। पूछताछ में उसने लूट, जानलेवा हमला समेत कई घटनाओं को अंजाम देने का जुर्म स्वीकार किया है।
एसटीएफ प्रयागराज के सीओ नावेंदु सिंह ने बताया कि कंधई थाना क्षेत्र के रखहा के पास पिछले साल अधिवक्ता रवींद्र जायसवाल के बेटे सोनू जायसवाल व उसके साथी प्रेमशंकर उर्फ बड्डू सरोज को बाइक सवार लोगों ने गोली मार दी थी। बाद में सोनू की मौत हो गई थी। पुलिस पूर्व में घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
घटना में शामिल गुफरान निवासी खमपुर फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। बुधवार को एसटीएफ को गुफरान के पिपरी मोड़ पर मौजूद होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस वहां पहुंच गई। घेराबंदी कर गुफरान को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा-कारतूस, दो मोबाइल और एक हजार रुपये मिले।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि गांव के रुस्तम का क्रिकेट खेलने को लेकर प्रेमशंकर उर्फ बड्डू निवासी आसलपुर से विवाद हो गया था। रुस्तम के कहने पर उसने बुढ़ौरा के रहने वाले साथी रूबान व तनवीर निवासी अधारगंज ककरहा के साथ मिलकर एक सितंबर की शाम घटना को अंजाम दिया था।
इसके अलावा उसने कोहड़ौर में टाइनी शाखा में लूटपाट के साथ अजीत नगर में अचलपुर के रहने वाले फुल्लू पर जानलेवा हमला किया था। इसके अलावा साथी रूबान के कहने पर चुनावी रंजिश में मोनू को गोली मारी थी। पूछताछ के बाद एसटीएफ की टीम ने उसे कंधई पुलिस के हवाले कर दिया।