रानीगंज के कूराडीह धान क्रय केन्द्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद
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फोटो 0क्रय केंद्रों पर धान की खरीद में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कर्मचारियों की मनमानी से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। उपज बेचने के लिए किसान क्रय केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी उपज की खरीद नहीं हो रही है। वहीं, धान बेच चुके अधिकांश किसानों को अब तक भुगतान नहीं हो सका है। इसे लेकर किसानों में आक्रोश है।
जिले में धान खरीद के लिए कुल 52 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 18 खाद्य विभाग व 34 पीसीएफ के हैं। एक नवंबर से जिलेभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीद की जा रही है।धान बिक्री में किसानों की सहूलियत के लिए विभाग ने टोकन सहित कुछ नियम समाप्त कर दिए हैं। इसके बाद भी किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा अनियमितता रामापुर में है। यहां धान की खरीद में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उपज बेचने के लिए किसान परेशान हैं।
गौरा पूरेबदल गांव निवासी उत्तम तिवारी 150 क्विंटल धान बेचने के लिए महीने भर से क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। बताया कि हर रोज टरकाया जा रहा है। इसी तरह आमापुर बेर्रा गांव निवासी किसान सुभाष सिंह भी अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हैं। उन्होंने बताया कि 250 क्विंटल धान है। कई बार संपर्क करने के बाद भी सिर्फ आज-कल की बात कही जा रही है। धान की खरीद नहीं हो रही है।
हरिश्चंद सिंह ने बताया कि धान की खरीद में लापरवाही बरती जा रही है। कूराडीह गांव निवासी शिवबहादुर यादव 50 क्विंटल धान बेचने के लिए परेशान हैं। यही हाल नौसाद अहमद का भी है। उन्हें 200 क्विंटल धान बेचने के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। डिप्टी आरएमओ अजीत तिवारी ने बताया कि कोई भी किसान वंचित नहीं रहेगा। सभी के धान की खरीद होगी। अब ई-टोकन का सिस्टम लागू हो गया है। किसान साइबर कैफे पर जाकर ई-टोकन लें। निर्धारित समय पर उनके धान की खरीद होगी।
51 किसान भुगतान के लिए कर रहे परिक्रमा
शिवगढ़ क्रय केंद्र पर 184 किसानों की धान की खरीद हुई है। इनमें से 133 किसानों का भुगतान हो चुका है। 54 ऐसे किसान हैं, जिनका भुगतान अब तक नहीं हो सका है। वह भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
लक्ष्य के सापेक्ष 45 प्रतिशत खरीद का दावा
जिले में कुल 72 हजार एमटी धान की खरीद का लक्ष्य है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष 45 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है।