विकास खंड कार्यालय में सोमवार दोपहर बाइक सवार चार लोगों ने मनरेगा के एपीओ बृजेश सिंह को जमकर पीटा। उनके कार्यालय के भीतर तोड़फोड़ भी की। मारपीट की घटना के बाद अफरातफरी मच गई। ब्लॉक कर्मियों ने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया। पुलिस को आता देख आरोपी हमलावर भाग निकले। एपीओ ने पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें तीन नामजद और एक अज्ञात हमलावर है। देर शाम तक पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम हमेशा विवादों की वजह से चर्चा में रहता है। कार्यालय में चोरी, मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। यहां बस्ती जनपद के रहने वाले बृजेश सिंह मनरेगा के एपीओ पद पर कार्यरत हैं। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे वह अपने कक्ष में बैठकर काम कर रहे थे।
एपीओ का आरोप है कि अचानक दो बाइक से चार लोग पहुंचे। वे अनर्गल काम के लिए उन पर दबाव बनाने लगे। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। अचानक काम कराने आए लोगों ने एपीओ पर हमला कर दिया। शोर शराबे के बीच कुछ कर्मचारियों ने वहां पहुंचकर बीचबचाव किया।
मारपीट की घटना के बाद एपीओ समेत मनरेगा से जुड़े अन्य कर्मचारी भाग कर दूसरे कमरे में पहुंचे और दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। हमलावरों ने एपीओ के चैंबर में लगा कंप्यूटर क्षतिग्रस्त करते हुए अभिलेख फाड़ डाले। शोर शराबा सुनकर ब्लॉक पुलिस बूथ पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों को आता देख आरोपी हमलावर बाइक लेकर बाग निकले।
थोड़ी ही देर में मारपीट की यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई। घटना की जानकारी मिलने पर इलाके के ग्राम प्रधान ब्लॉक परिसर में जुटने लगे। मारपीट की सूचना बीडीओ राजीव कुमार ने पुलिस के साथ एसडीएम पट्टी को दी। कुछ देर में दिलीपपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम मौके पर पहुंचे।
कर्मचारियों के मुताबिक तहरीर मिलने के बाद भी एपीओ पर हमला करने वाले आरोपियों की तलाश करने के बजाय थानाध्यक्ष वापस चले गए। ब्लॉक में चर्चा रही कि आरोपी सत्ता पक्ष से जुड़े हैं। इस वजह से पुलिस प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है। बीडीओ राजीव पांडेय ने बताया कि पुलिस को तीन नामजद व एक अज्ञात हमलावर के खिलाफ तहरीर दी गई है।
एपीओ पर लगाया ग्रामीण ने मारपीट का आरोप
रखहा। बाबा बेलखरनाथ धाम में सोमवार को हुई मारपीट के मामले में एपीओ के खिलाफ ग्रामीण ने पुलिस को तहरीर दी है। वीरमऊ निवासी सुनील कुमार सरोज का आरोप है कि रास्ते के निर्माण के सिलसिले में वह ब्लॉक गया था। जहां संविदा कर्मचारी एपीओ बृजेश सिंह मिले। आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान एपीओ ने कहा था कि रुपये देने पर ही काम होगा। विरोध करने पर उनके साथ एपीओ ने मारपीट की फिर धक्का देकर कार्यालय से बाहर भगा दिया। इस बीच पहुंचे भाजपा नेता लवलेश पांडेय ने बीचबचाव किया था। जिससे उनकी जान बची। संवाद
कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई होगी। इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- नवनीत सेहरा, मुख्य विकास अधिकारी
बाबा बेलखरनाथ ब्लाक कार्यालय में मारपीट के बाद बिखरा पड़ा कागज व गिरी कुर्सी। संवाद