जिले के 74,826 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी खबर है। अब कार्डधारकों को गेहूं, चावल, मिट्टी के तेल के साथ ही सस्ते दाम पर चीनी भी मुहैया कराई जाएगी। शासन ने गरीबों को सस्ती चीनी मुहैया कराने पर अपनी मुहर लगा दी है। हालांकि चीनी के दाम को लेकर अभी निर्णय नहीं हो सका है।
योगी सरकार को दो साल बाद गरीबों की याद आई है। सूबे की सत्ता में आते ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली से चीनी वितरण पर रोक लगा दी गई थी। दो साल तक चीनी बंद करने के बाद फिर सरकार को गरीबों की याद आई है। दो वर्ष पूर्व जिले के अंत्योदय कार्डधारकों को दो-दो किग्रा चीनी मिलती थी। खुले बाजार में चीनी का दाम अधिक होने से गरीब परिवारों को चाय पीना भी मयस्सर नहीं हो पा रहा था। ग्रामीण लगातार इसकी मांग करते चले आ रहे थे कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से चीनी का वितरण किया जाय। आपूर्ति विभाग ने आंकड़ों के मुताबिक 74,826 राशनकार्ड अंत्योदय के हैं, और लगभग पांच लाख लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लाभार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें योजना से वंचित किया गया है। मगर जिन परिवारों को अंत्योदय योजना के तहत प्रतिमाह 35 किग्रा राशन मिलता है, उन्हें अब प्रति कार्ड दो किग्रा चीनी भी मुहैया कराई जाएगी। हालांकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चीनी आपूर्ति की जानकारी कोटेदारों को होते ही उनकी बेचैनी बढ़ गई है। कोटेदारों का मानना है कि चीनी की आपूर्ति बंद होने से वह राहत में हैं। चीनी की आपूर्ति होते ही छुटभैया नेताओं का दखल बढ़ जाता है। इससे कोटेदारों के समक्ष समस्या खड़ी हो जाती है।
जिले के अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को जल्द ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से चीनी मिलना प्रारंभ हो जाएगा। जिले से मांग पत्र भेजा गया है। अगले माह चीनी आने की संभावना है।
सुनील कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी