एन्टी करप्शन द्वारा गिरफ्तार लेखपाल संजय यादव। संवाद
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जमीन का पट्टा देने के एवज में पांच हजार रुपये घूस लेते समय एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार दोपहर लालगंज तहसील के लेखपाल को रंगे हाथ दबोच लिया। आननफानन में टीम लेखपाल को लेकर नगर कोतवाली आ गई। यहां पूछताछ के बाद लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
लालगंज तहसील क्षेत्र के मंगापुर में गत दिनों ग्रामसभा की बैठक में सरकारी जमीन का ग्रामीणों को पट्टा देने के लिए प्रस्ताव हुआ था। गांव के आशीष सिंह ने एक बिस्वा आवासीय पट्टे के लिए आवेदन किया था। लेखपाल जमीन का पट्टा करने के बदले उनसे पांच हजार रुपये की मांग कर रहा था। इस मामले की शिकायत आशीष सिंह ने एंटी करप्शन कार्यालय लखनऊ में की थी।
सोमवार को एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने आशीष सिंह से संपर्क साधते हुए मंगलवार को लेखपाल संजय यादव निवासी मत्तूपुर बोझी थाना अंतू को तहसील परिसर से बाहर बुलाकर रुपये देने के लिए कहा। जिस स्थान पर लेखपाल को रुपये देने थे वहां टीम के सदस्य पहले से मौजूद थे। आशीष ने सुबह लेखपाल से बात करने के बाद उससे मिलने की इच्छा जताई। तय समय पर आशीष ने तहसील के बाहर डाकघर के करीब लेखपाल को रुपये देने के लिए बुलाया।
लेखपाल के पहुंचने पर बातचीत करते हुए आशीष ने उसे पांच रुपये पकड़ा दिए। इस दौरान कुछ दूरी पर खड़ी एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। लेखपाल को लेकर टीम नगर कोतवाली आ गई। यहां पूछताछ के बाद एंटी करप्शन के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने लेखपाल के खिलाफ रिश्वतखोरी का मुकदमा दर्ज कराया। शिकायतकर्ता आशीष सिंह को भी कोतवाली में बुलाकर पूछताछ की जाती रही। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
लेखपाल को थमाए थे पांच-पांच सौ रुपये के नोट
उदयपुर थाना क्षेत्र के मंगापुर निवासी आशीष सिंह ने एंटी करप्शन टीम के कहने पर लेखपाल संजय यादव को पांच-पांच सौ रुपये के नोट मुट्ठी बंद कर थमा दिए। इस दौरान एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। इस दौरान नोट में लगा केमिकल भी लेखपाल के हाथ में लग गया।