रखहा। पशुओं में फैला लंपी रोग अब जानलेवा हो गया है। इससे पशुपालकों की नींद उड़ गई है। जिले में अभी तक दर्जनों पशुओं की मौत हो चुकी है।
बाबा बेलखरनाथ धाम के सराय नानकार गांव स्थित पाल बस्ती में अबतक कई पशुओं की मौत हो चुकी है। उनका कहना है कि बीमारी से पीड़ित जानवरों की देखभाल के लिये सरकारी चिकित्सक नहीं आते, इससे प्राइवेट चिकित्सकों को बुलाना पड़ता है।
पाल बस्ती के अशोक पाल की एक भैंस की मौत हो चुकी है, जबकि एक गाय व दो बछिया अभी भी पीड़ित हैं। संजय पाल की एक गाय व एक बछिया बीमार है। हरीलाल पाल के एक बछड़े की मौत हो चुकी है, जबकि दो गाय अभी भी पीड़ित हैं। विजयपाल का एक बछड़ा दो दिन पहले मर गया, जबकि एक बछिया और एक गाय पीड़ित हैं। ओमप्रकाश पाल की एक गाय तथा सुभाष पाल की एक गाय जीवन मौत से जूझ रही है।
इनके अलावा बिबियाकरनपुर, जयसिंहगढ़, करनपुर खूझी गांव में लंपी बीमारी से दर्जनों जानवर पीड़ित हैं। पशु चिकित्सालय दिलीपपुर और दीवानगंज के प्रभारी डॉक्टर संजय उपाध्याय ने बताया कि लंपी बीमारी से पीड़ित पशुओं की देखभाल बराबर की जाती है। सरकारी स्तर पर जो भी सुविधा मिलती है उसे पशुपालकों मुहैय्या कराई जाती है।