देरी से पहुंचने से गुस्साए प्रेमी ने साड़ी से विवाहिता की गला कसकर हत्या की थी। पुलिस की गिरफ्त में आए फरार प्रेमी ने यह सच बताया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा व मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
लालगंज कोतवाली के चकोदर बभनपुर निवासी श्यामलाल वर्मा की बेटी आरती (24) की शादी साल भर पहले संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के अनिल पटेल के साथ हुई थी। छह अक्तूबर को वह मायके आई थी। दो दिन बाद उसकी शव खेत में फेंका मिला था। घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस आरती की मां के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो सुराग मिल गया। पुलिस ने दबिश देकर रायबरेली के लहुरेपुर निवासी हंसराज प्रजापति को दबोच लिया।
मंगलवार को प्रभारी क्षेत्राधिकारी अमरनाथ गुप्ता ने मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतका का हत्यारोपी के हंसराज से तीन वर्ष से प्रेम प्रंसग चल रहा था। तमाम प्रयास के बाद भी दोनों की शादी नहीं हो सकी। मगर दोनों चोरी छिपे मिलते थे। रविवार को मोबाइल पर दोनों के बीच बातचीत हुई थी। रात 11 बजे मिलना तय हुआ था। हंसराज तय समय पर आ गया। मगर आरती घर से बाहर निकल नहीं सकी। शौच का बहाना भी नहीं चला। उसकी मां साथ गई थी।
रात करीब दो बजे वह मौका पाकर घर से बाहर निकली। तीन घंटे तक आरती का इंतजार करते हुए हंसराज खेत में ही छिपा था। देरी के मामले में दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। अचानक प्रेमी ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। प्रेमिका ने भी पलटकर उसे पैर से मार दिया। तैश में आकर आरोपी प्रेमी ने उस पर डंडे से प्रहार किया। साड़ी से उसका गला कस दिया। जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इससे भी उसका मन नहीं भरा तो डंडे को उसके गले पर रखकर खड़ा हो गया। घटना के बाद उसका मोबाइल लेकर भाग निकला था।