फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतापगढ़ : समायोजन के नाम पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मांग रहे डेढ़ लाख

Sat, 24 Sep 2022 12:37 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

मेडिकल कॉलेज बनने के बाद शासन के आदेश पर इन कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इसकी पुष्टि अस्पताल की सीसीटीवी की फुटेज से हो सकता है। जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर तैनात रहे कर्मचारियों को शासन ने नई एजेंसी में समायोजित करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी आवास पर फरियाद लेकर पहुंचे मेडिकल कालेज से हटाये गये कर्मचारी। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज में तैनात सेवा प्रदाता संस्था रामा और अवनी के कर्मचारियों ने प्राचार्य पर समायोजन के नाम पर डेढ़ लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कहा कि उनसे छह माह से बगैर मानदेय दिए काम लिया जा रहा है।
विज्ञापन



डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में सेवा प्रदाता रामा और अवनी के 48 कर्मचारी हैं। इनकी तैनाती जिला अस्पताल में हुई थी। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद शासन के आदेश पर इन कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है।


कर्मचारियों का आरोप है कि छह माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला है। प्राचार्य अपनी सेटिंग वाली एजेंसी गरुणा में समायोजन करने की तैयारी में जुटे हैं। समायोजन के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की मांग की जा रही है। कर्मचारियों ने शुक्रवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन



कर्मचारियों का आरोप है कि गरुणा एजेंसी में दूसरे को नौकरी दिलाने का ठेका लेने वाला तीन कर्मचारी खुद कागज पर नौकरी कर रहे हैं। इसकी पुष्टि अस्पताल की सीसीटीवी की फुटेज से हो सकता है। ज्ञापन देने वालों में अजय कुमार पाल, आलोक कुमार, मनोज कुमार, कपिल कुमार, मंजू, आनंद कुमार, सुषमा, सुनील कुमार सिंह, रामानुज दूबे, उर्मिला, गजेंद्र पांडेय, राजेश, शिवम सिंह, रमेश आदि लोग मोजूद रहे।


जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग पर तैनात रहे कर्मचारियों को शासन ने नई एजेंसी में समायोजित करने का आदेश दिया है। ये कर्मचारी समायोजित नहीं होना चाह रहे हैं। रुपये मांगने का आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं। डॉ. आर्य देशदीपक, प्राचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें