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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब दुकानों पर नहीं बेच पाएंगे पोषाहार

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anganvadi
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जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब बच्चों के हिस्से का पोषाहार खुले बाजारों में बेचने का मौका नहीं मिलेगा। शासन ने अब लाभार्थियों के खाते में सीधे धनराशि भेजने का फैसला किया है। निदेशक ने पत्र लिखकर सभी महिला कार्यकर्ताओं से लाभार्थियों का खाता नंबर मांगा है।
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जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर शून्य से छह वर्ष के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दूध पिलाने वाली मां को वितरित करने के लिए प्रतिमाह आने वाले पोषाहार अब बंद होने जा रहा है। अब इन लाभार्थियों को पोषाहार के एवज में रुपये मिलेंगे। सभी लाभार्थियों का डाटा आनलाइन होगा और सीधे उनके खाते में रुपये पहुंच जाएंगे।
यह व्यवस्था लागू होने से महिला कार्यकर्ताओं की कमाई पर बट्टा लग जाएगा। लॉकडाउन के दौरान एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता और सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने एक पशु आहार की दुकान से भारी मात्रा में पोषाहार पकड़ने पर सीडीपीओ सदर ने नवीनचंद्र यादव ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
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बेल्हा में यह कोई नया मामला नहीं था, बल्कि रायबरेली जिले में हुई छापेमारी में बेल्हा का पोषाहार भारी मात्रा में मिलने पर रामपुरसंग्रामगढ़ की चार मुख्य सेविकाओं को बर्खास्त कर दिया गया था।
फिलहाल बाल विकास पुष्टाहार विभाग के निदेशक शत्रुध्न सिंह ने पत्र भेजकर सभी लाभार्थियों को बैंक खाता नंबर, आधारकार्ड और आईएफ एसई कोड मांगा है। डीपीओ पवन कुमार यादव ने बताया कि सभी सीडीपीओ को पत्र लिखा गया है, जल्द ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
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