फतनपुर के भुजैनी में युवक को पेड़ से बांधकर पेट्रोल डालने के बाद जिंदा जलाने की साजिश महिला आरक्षी के चचेरे भाई ने रची थी। घटना को अंजाम देने के लिए दो बाहरी लोगों को भी बुलाया गया था। कुल छह लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी मौके की तलाश में थे और अंबिका के घर से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे।
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- फोटो : pratapgarh
भुजैनी निवासी अंबिका प्रसाद पटेल पुत्र रणविजय पटेल से उसके पट्टीदार भी नाराज थे। अंबिका घर के बगल की ही रहने वाली कानपुर में तैनात महिला आरक्षी से प्रेम करता था। यह बात महिला आरक्षी के परिवारवालों को पसंद नहीं थी।
अंबिका के सोशल मीडिया पर महिला आरक्षी की आपत्तिजनक तस्वीरों को वायरल करने के बाद से दोनों परिवारों के बीच अदावत बढ़ गई थी। सिपाही के पिता हरिशंकर पटेल की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में अंबिका को पुलिस ने जेल भेज दिया था। वह एक अप्रैल को जेल से अंतरिम जमानत पर छूटा था। जेल से छूटने के बाद भी वह महिला आरक्षी से ही शादी करने की बातें करता था।
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जिससे इलाके में महिला आरक्षी के परिवारवालों की बदनामी हो रही थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस पर महिला आरक्षी के चचेरे भाई राममिलन ने अंबिका को ठिकाने लगाने की साजिश रची। घटना वाले दिन दो बाहरी लोगों को भी बुलाया था। वह महिला आरक्षी के पुराने मकान में रुके थे।
सभी अंबिका के घर से बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। शाम को मौका मिलते ही अंबिका के सिर पर वजनदार हथियार से प्रहार कर बेहोश करने के बाद उसे यूकेलिप्टस की बाग में पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया।
पुलिस का अनुमान है कि घटना को छह लोगों ने मिलकर अंजाम दिया है। नामजद आरोपी राममिलन की तलाश में लगातार पुलिस की दो टीमें दबिश दे रही हैं। उसके मिलने के बाद ही घटना में शामिल लोगों की जानकारी हो सकेगी। सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि घटना के मुख्य सूत्रधार राममिलन की तलाश की जा रही है।