एडीओ पंचायत पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाना पड़ा महंगा, तीन कर्मचारियों का तबादला
- 103 सफाई कर्मचारियों ने जांच अधिकारी को दिया था लिखित बयान, बचाव में उतरे अधिकारी
प्रतापगढ़। सफाई कर्मचारियों से हर माह वसूली करने और खेती करवाने वाले सफाई कर्मचारियों को अफसरों से शिकायत करना महंगा पड़ गया। शिकायत करने वाले तीनों पीड़ितों का तबादला कुंडा कर दिया गया है। जबकि दो सफाई कर्मचारी बीएलओ हैं और चुनाव आयोग ने तबादले पर रोक लगा रखा है।
पट्टी ब्लाॅक में तैनात एडीओ पंचायत सफाई कर्मचारियों से हर माह तीन-तीन हजार रुपये वसूलता था। सफाई कर्मचारियों से स्थानीय प्रभावशाली लोगों के यहां भेजकर खेती-बारी का काम कराता था। सफाई कर्मचारी वीरेंद्र वर्मा, ओम प्रकाश पटेल और श्यामलाल गौतम ने इसकी शिकायत डीएम और सीडीओ से कर दी।
मामला डीपीआरओ के पास पहुंचने पर एडीपीआरओ राजीव मौर्य को पूरे मामले की जांच सौंप दी और एडीओ पंचायत पट्टी को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। 23 नवंबर को एडीपीआरओ मामले की जांच करने पहुंचे, तो 103 कर्मचारियों ने लिखित बयान देने और एडीओ पंचायत के अपशब्द वाले ऑडियो भी दिया। इसके बाद भी आरोपी एडीओ पंचायत के बचाव में उतरे अफसरों ने वीरेंद्र वर्मा को कुंडा और ओम प्रकाश पटेल, श्याम लाल गौतम को बाबागंज ब्लाॅक तबादला कर दिया गया है। इसमें वीरेंद्र गौतम भसौनी और ओम प्रकाश लोनियापुर का बीएलओ बनाया गया है।
अफसरों ने चुनाव आयोग की गाइड लाइन को धता बताते हुए पट्टी से कार्यमुक्त कर दिया गया है। एडीपीआरओ राजीव मौर्य ने बताया कि तबादले की हमें जानकारी नहीं है, अगर ऐसा किया गया है, तो वह गलत है। पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अयोध्या यादव ने डीपीआरओ से मिलकर साफ शब्दों में कहा है कि अगर पीड़ितों का तबादला रद्द नहीं किया गया, तो डीपीआरओ कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी।
इनसेट
निलंबन वापस नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
मंगरौरा में एडीओ पंचायत की शिकायत करने वाले सफाई कर्मचारी तीर्थराज गौतम को निलंबित कर दिया गया है। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष वकील अहमद ने डीपीआरओ को पत्र सौंपकर कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर निलंबन वापस नहीं लिया गया, तो विकास भवन में धरना प्रदर्शन होगा।