प्रतापगढ़। गर्मी के दिनों में एसी, कूलर, फ्रिज, इनवर्टर और पंखे का कारोबार करने वाले दुकानदारों को कोरोना का करंट लगा है। लॉकडाउन के चलते इलेक्टिक कारोबारियों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो गया है। होली के पहले एसी, कूलर, फ्रिज,पंखा, इनवर्टर के उपकरण स्टाक डंप करने वाले दुकानदारों के बिक्री का समय आते ही लॉकडाउन हो गया। इससे जिले भर के कारोबारियों को लगभग 42 करोड़ रुपये का झटका लगा है।
जिले में गर्मी का दौर प्रारंभ हो गया है। गर्मी के दिनों में एसी, कूलर, फ्रिज, पंखा, इनवर्टर के उपकरण की व्यापक पैमाने पर खरीद-फरोख्त होती है। गर्मी से बचने के लिए सामान्य परिवार भी अब एसी में रहना पसंद करता है। एसी, कूलर, फ्रिज महंगे होने के बाद भी लोग गर्मी के दिनों में अधिक खरीदते हैं। गर्मी में इलेक्ट्रिक उपकरणों की बिक्री इसलिए भी अधिक बढ़ जाती है कि शहर और ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह का दौर भी तेज हो जाता है। होली के त्योहार के पहले ही दुकानदारों ने एसी, कूलर, फ्रिज,पंखा, इनवर्टर के उपकरणों की खरीद व्यापक मात्रा में कर रखी थी। नवरात्र से ही बिक्री का दौर प्रारंभ होता है और नवरात्र के पहले ही दिन 25 मार्च से लॉकडाउन के चपेट में आ गया। इससे दुकानदारों के गोदामों में उपकरण बंद हैं। दुकानदारों की मानें तो केवल शहर में ही लगभग 22 करोड़ का कारोबार होता था।
जिले के अन्य चार तहसीलों में भी लगभग 20 करोड़ रुपये का कारोबार होता था। इलेक्ट्रिक कारोबारी अब इस चिंता में हैं कि अगर तीन मई के बाद लॉकडाउन बढ़ा, तो दुकानदारों को करोड़ों रुपये की चपत लगेगी। फिलहाल अब वह सभी शर्तो के साथ दुकान खोलने की इजाजत का इंतजार कर रहे हैं।
जनता की भलाई के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों के बिक्री की मिले अनुमति
आम जनता के हित में कदम उठाते हुए सरकार को एसी, कूलर, फ्रिज,पंखा, इनवर्टर के उपकरणों के बिक्री की छूट देनी चाहिए। सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला हम लोग भी पूरी तरह पालन करेंगे। मगर गर्मी के दिनों में उपकरणों के बिक्री की छूट नहीं दी गई, तो आम जनता को गर्मी झेलना भारी पड़ेगा।
करन सिंह, प्रीतम एंड संस
किराना दुकानों की तरह इलेक्ट्रिक उपकरणों के लिए मिले छूट
किराना दुकानों को जैसे कुछ शर्तो के साथ खोलने की अनुमति दी गई है, ठीक उसी प्रकार इलेक्ट्रिक उपकरणों के बिक्री के लिए छूट देना चाहिए। अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो इलेक्ट्रिक दुकानदारों की साल भर की तैयारी बेकार हो जाएगी।
लालजी तिवारी, जया इंफोटेक