जनपद के 1148 ग्राम पंचायतों में अप्रैल-मई 2026 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव कराने वालों की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है। जब वह सुरक्षित नहीं रहेंगे तो पंचायत चुनाव कैसे सकुशल संपन्न कराएंगे। छोटे से जर्जर कार्यालय भवन के भीतर जिंदगी दांव पर लगाकर अधिकारी व कर्मचारी काम कर रहे हैं।
दरअसल कचहरी परिसर स्थित नगर निकाय व पंचायत चुनाव कार्यालय का कमरा बहुत छोटा है। जहां संसाधन व फाइलों के ढेर के बीच कर्मचारियों का बैठकर काम करना दूभर हो जाता है। कार्यालय का जर्जर भवन कभी भी जमींदोज हो सकता है। कार्यालय की छत की ईंट व प्लास्टर अक्सर गिरते रहते हैं। इससे सरिया भी साफ दिख रही है।
कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। एक कमरे में संचालित कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी व कर्मचारी संग ऑपरेटर एक साथ फाइलों के ढेर व उपकरण के बीच बैठते हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार का कहना है कि जर्जर कार्यालय में किसी तरह काम किया जा रहा है। अधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है।
बरसात में भर जाता है पानी, निकलते हैं सांप-बिच्छू
बरसात में कार्यालय में पानी भर जाता है। वहां से सांप व बिच्छू निकलते हैं। ऐसे में भी कर्मचारियों को डर सताता रहता है।
कर्मचारियों की बनी है कमी
नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव कार्यालय में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। एक सहायक निर्वाचन अधिकारी, चार की जगह दो लिपिक काम कर रहे हैं। कार्यालय में एक भी चतुर्थश्रेणी कर्मचारी नहीं है।