अब मनमानी फीस वसूली करने वाले विद्यालयों पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। विद्यालय की मान्यता भी समाप्त कर दी जाएगी। कैंप कार्यालय सभागार में डीएम शिव सहाय अवस्थी ने निजी स्कूलों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ की कहा कि स्कूल अगर परिचित की दुकानों से जूता-मोजा और यूनीफॉर्म खरीदने का दबाव बनाते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 का अनुपालन विद्यालयों में किया जाए। निर्धारित फीस से अधिक शुल्क अभिभावकों से नहीं ली जाए। किसी भी प्रकार की शुल्क वृद्धि बिना उचित अभिलेखों के नहीं की जाएगी।
शुल्क संरचना पारदर्शी होनी चाहिए। शुल्क की जानकारी विद्यालय की वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करनी होगी। जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति से ही यूनीफॉर्म में बदलाव किया जा सकता है। कम से कम पांच साल तक एक ही यूनीफॉर्म विद्यालयों में लागू रहेगा। पहली बार शिकायत मिलने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
लगातार शिकायत आने पर पांच लाख तक जुर्माना लगाकर विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। बैठक में डीआईओएस ओमकार राणा मौजूद रहे।