प्रतापगढ़। कंधई थाना क्षेत्र के मंगरौरा बाजार में शनिवार शाम हुई रामशिरोमणि उर्फ खुल्लर वर्मा (40) की हत्या में पुलिस ने शातिर अपराधी जंगू पाल के बेटे इंद्रपाल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा बरामद किया गया है। हालांकि नामजद तीनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर हीरालाल वर्मा, उसके भाई कमलेश और मनजीत अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
कंधई थाना क्षेत्र के सरसीखाम गांव निवासी रामशिरोमणि उर्फ खुल्लर और उसके भाइयाें पर गांव के हिस्ट्रीशीटर अपराधी हीरालाल के पिता की हत्या का आरोप है। शनिवार को इसी हत्या के मामले में कोर्ट में तारीख थी और शाम को मंगरौरा बाजार में रामशिरोमणि की हत्या कर दी गई। इस मामले में हीरालाल, उसके भाइयों कमलेश और मंजीत को नामजद करते हुए एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इंद्रपाल को हिरासत में ले लिया। इंद्रपाल के पिता जंगूपाल पर कई आराधिक मुकदमे दर्ज थे। करीब सात साल पहले कोहंडौर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उसे मार गिराया था। कंधई थाने के प्रभारी निरीक्षक सीबी यादव ने बताया कि पहले तो इंद्रपाल पूरे मामले से खुद को अलग बता रहा था लेकिन जांच में वह फंस गया। उसकी हिस्ट्रीशीटर हीरालाल से बातचीत होती थी। हीरालाल ने इंद्रपाल को एक लाख रुपये की सुपारी देने की बात कहकर अपने साथ मिला लिया। हीरालाल को यह आशंका थी कि अगर उसने मंगरौरा में हत्या की तो दुकानदार उसे भी पकड़कर मार सकते हैं। अगर इंद्रपाल साथ में मौजूद रहेगा तो कोई आगे नहीं आएगा। उसने इसके लिए इंद्रपाल को 20 हजार रुपये एडवांस दिए थे। इंद्रपाल ने हत्या तो नहीं की लेकिन घटना के समय साथ मौजूद था और अपना तमंचा हीरालाल को दिया था। घटना के बाद उसने तमंचा वापस ले लिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि तमंचा बरामद कर इंद्रपाल को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।