36 दिन बाद युवक का शव कब्र से खोदकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। खोदाई के दौरान ग्रामीणों का मजमा लगा रहा। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मृतक के भाई समेत 17 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पूरे पंगुल शिवरा गांव निवासी उमाशंकर (28) पुत्र सहतू की मौत 17 दिसंबर 2013 को हो गई थी। परिजनों ने शव को बकुलाही नदी के किनारे दफना दिया था। इस बीच सूचना मिलने पर उसकी पत्नी सुनीता मायके से ससुराल पहुंची और जेठ समेत अन्य पर हत्या करने का आरोप लगाने लगी। पुलिस से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुनीता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 16 जनवरी 2014 को मृतक के भाई दयाशंकर समेत 17 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। बुधवार को सदर तहसीलदार सौरभ शुक्ला और एसओ अरविंद तिवारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से बकुलाही नदी के करीब उमाशंकर का दफनाया गया शव खोदवाया। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आरोपी भाई दयाशंकर की मानें तो उसके भाई की मौत क्षय रोग के कारण हुई है। उसकी मां पुतना देवी के नाम से मात्र साढ़े सात बिस्वा जमीन है। हत्या का आरोप लगाने वाली सुनीता का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था और 2007 में उमाशंकर से विवाद के बाद मायके में रहने लगी। एसओ का कहना है कि पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।