पट्टी। पट्टी के तीन दिवसीय दशहरे मेले में पुलिस वसूली को लेकर रामलीला समिति व इंचार्ज कोतवाल के बीच उत्पन्न विवाद का समापन एएसपी ने करा दिया। पट्टी के इंचार्ज कोतवाल दो दिन के लिए छुट्टी पर भेज दिए गए हैं। मेला संपन्न कराने की जिम्मेदारी शहर कोतवाल को सौंपी गई है। मेला समिति ने इसके बाद भरत मिलाप कराने की घोषणा की।
पट्टी नगर मुख्यालय पर लगने वाले तीन दिवसीय दशहरे मेले में लगे स्टालों पर पुलिस की अवैध वसूली को लेकर माहौल गरमा गया था। मेला समिति ने आपात बैठक कर निर्णय लिया था कि पट्टी कोतवाल प्रभातेज श्रीवास्तव के नगर में मौजूद रहते वह भरत मिलाप संपन्न नहीं कराएगी। इसकी सूचना कमेटी के सदस्यों ने सीएम से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों तक को फैक्स के जरिए दे दी थी। विवाद की खबर प्रकाशित होने पर प्रशासन के होश उड़ गए। वह मामला सुलटाने के प्रयास में लग गया। इसके तहत एक बार सीओ पट्टी प्रेमचंद की मध्यस्थता में बैठक हुई। मगर समिति के लोग अपने निर्णय पर अडिग रहे। उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इस एएसपी राधेश्याम विश्वकर्मा पट्टी पहुंचे और सीओ पट्टी प्रेमचंद के साथ राम लीला समिति के अध्यक्ष केशव प्रसाद चौरसिया, प्रबंधक कमला कांत पांडेय, महामंत्री कृष्ण कुमार शुक्ल, जुग्गी लाल जायसवाल, मनमोहन खंडेलवाल, राम प्रकाश जायसवाल सहित तमाम पदाधिकारियों की मौजूदगी में घंटों बैठक चली। निर्णय लिया गया कि पट्टी के इंचार्ज कोतवाल भरत मिलाप सहित दो दिन मुख्यालय पर नहीं रहेंगे। इस दौरान शहर कोतवाल पहुप सिंह भरत मिलाप संपन्न कराएंगे। इस निर्णय पर आम सहमति बनने के बाद समिति ने भरत मिलाप संपन्न कराने की घोषणा की। इस तरह विवाद का पटाक्षेप हुआ।