विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को पूर्व विधायक बृजेश सौरभ और राम शिरोमणि शुक्ल सहित 30 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे। रानीगंज से बसपा प्रत्याशी अजय यादव नामांकन करने पहुंचे, मगर फार्म अपूर्ण होने के कारण प्रवेश द्वार से लौट गए। सदर विधानसभा से मौलिक अधिकार पार्टी से राम बहादुर शर्मा ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी किसी प्रमुख राजनैतिक दल के प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया। विकास भवन स्थित अफीम कोठी में नामांकन स्थल के बाहर बड़ी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है। तीसरे दिन पूर्व विधायक बृजेश सौरभ और रामशिरोमणि शुक्ल सहित 30 लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे। रानीगंज के बसपा प्रत्याशी अजय यादव समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे, मगर बाहर उन्हें पता चला कि फार्म अभी अधूरा है।
ऐसे में वह फार्म लेकर विकास भवन चले गए। तीन बजे के करीब वह दोबारा नामांकन करने के लिए पहुंचे, लेेकिन सुरक्षाकर्मियों ने अगले दिन नामांकन करने की बात कहते हुए उन्हें लौटा दिया। बृहस्पतिवार को एकमात्र नामांकन मौलिक अधिकार पार्टी के राम बहादुर शर्मा ने किया। इधर, डीएम और एसपी ने नामांकन स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की जानकारी ली।
पट्टी और सदर विधानसभा कक्ष के लिए लगा बैनर उल्टा होने पर एसपी सतपाल अंतिल ने पुलिसकर्मियों से ठीक करने को कहा। बृहस्पतिवार को पहला दिन था, जब एसपी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेने नामांकन स्थल पर पहुंचे थे। इधर, डीएम डॉ. नितिन बंसल ने करीब ढाई बजे नामांकन स्थल का दौरा कर आरओ से तैयारियों की जानकारी ली।
रानीगंज एसडीएम और पुलिसकर्मियों में हुई नोकझोंक
नामांकन स्थल अफीम कोठी में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब एसडीएम रानीगंज जितेंद्र पाल से प्रवेशद्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आईकार्ड मांग लिया। दरअसल, रानीगंज एसडीएम कई बार नामांकन स्थल से बाहर निकले और पुलिसकर्मियों को आईकार्ड दिखाया। करीब पौने तीन बजे वह बाहर से अंदर जा रहे थे।
इस दौरान प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस के जवानों ने पूछ लिया आप कौन हैं। एसडीएम ने बताया ड्यूटी पर हूं, इस पर पुलिस के जवानों ने आईकार्ड मांग लिया। फिर क्या था उनका गुस्सा आसमान पर चढ़ गया। पुलिसकर्मियों को खरीखोटी सुनाते हुए नाम नोट करने लगे।