पीड़िता को अधिक अंक दिलाने का झांसा देकर अनिल चौरसिया उसका शारीरिक शोषण करता था। इस दौरान अनिल ने उसकी आपत्तिजनक फोटो खींच ली। छात्रा बाद में जब विरोध करने लगी तो फोटो दिखाकर उसे ब्लैकमेल करता था।
अपर जिला जज और विशेष न्यायाधीश पॉक्सो आलोक द्विवेदी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाए जाने पर अनिल चौरसिया निवासी थाना फतनपुर को 25 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अनिल चौरसिया एक निजी विद्यालय में शिक्षक था, जहां पीड़िता कक्ष दस की छात्रा थी।
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पीड़िता को अधिक अंक दिलाने का झांसा देकर अनिल चौरसिया उसका शारीरिक शोषण करता था। इस दौरान अनिल ने उसकी आपत्तिजनक फोटो खींच ली। छात्रा बाद में जब विरोध करने लगी तो फोटो दिखाकर उसे ब्लैकमेल करता था ।
पीड़िता ने न्यायालय में उपस्थित होकर बताया कि उसके विद्यालय के शिक्षक अनिल चौरसिया ने उसकी मैथ की बुक ले ली। फिर बुक लेने के लिए उसे अपने घर बुलाया। वह नौ फरवरी 2020 को दिन में एक बजे उसके घर गई तो अनिल ने उसे घर के अंदर जबरदस्ती खींच लिया और कमरे का दरवाजा बंद करके उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया।
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इसी मुकदमे में सह आरोपी अमित चौरसिया, पवन चौरसिया, राजू उर्फ रोहित चौरसिया को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया। पीड़िता की ओर से लोक अभियोजक प्रदीप कुमार पांडेय ने पैरवी की थी।