हमीदपुर के शिवजी पाल व अन्य श्रद्धालुओं ने बताई महाकुंभ दिव्यता-भव्यता, लगाई पुण्य कि डुबकी
- प्रयागराज के मलाक हरहर से पैदल यात्रा कर पहुंचे त्रिवेणी संगम
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। महाकुंभ में मकर संक्रांति पर त्रिवेणी संगम के तट पर पुण्य की डुबकी लगाने को जिले के श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार देर रात मलाक हरहर पहुंचा। जिला प्रशासन ने वाहनों का वहीं हो दिया। इसके बाद हमीदपुर के शिवजी पाल अन्य लोगों के साथ ही सिर पर गठरी लादकर संगम पहुंचे। बताया कि 18 किमी पैदल चलने के दौरान हुई थकान संगम की अलौकिकता देखकर दूर हो गई। हर-हर गंगे की गूंज और संगम में स्नान करने के बाद मन प्रफुल्लित हो गया।
रात एक बजे श्रद्धालुओं की टोली संगम तट पर पहुंची और रेती पर ही सब ने विश्राम किया। सुबह सात बजते ही अमृत स्नान किया। खिचड़ी दान की। इसके बाद पैदल ही संगम से वह मलाक हरहर के लिए चल दिए। उसके बाद रोडवेज बस पकड़कर वह घर पहुंचे।
जगेशरगंज के मंगापुर गांव निवासी जोखूराम, राम अवध पाल, गीता, शांति, कुंता व अंतू के पारा हमीदपुर निवासी शिवजी पाल सोमवार देर शाम मकर संक्रांति के दौरान स्नान का अनुभव बताया। जोखूराम ने बताया कि महाकुंभ पर भव्य स्नान हुआ।
शिवजी पाल ने बताया कि संगम तट पर महाकुंभ में अमृत स्नान के दिन डुबकी लगाई। 18 किमी तक पैदल यात्रा करने के बाद त्रिवेणी संगम में स्नान किया। पूरे रास्ते सिर पर गठरी लादे रखी। थकान से पैर और शरीर दर्द हो रहा था। लेकिन, संगम की अलौकिकता देख मन प्रफुल्लित हो गया। गीता व शांति ने बताया कि रेलवे स्टेशन के भीतर भीड़ रही। मां गंगा की कृपा से मकर संक्रांति पर स्नान कर पुण्य लाभ कमाया।
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श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद किया दान
जौनपुर की सीता रजक अपनी मां प्रभावती के साथ महाकुंभ जाने के लिए रविवार को कचहरी रोड निवासी बहन रीता रजक के घर आई थीं।मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कर दान किया। सीता रजक, प्रभावती व रीता ने बताया कि दिव्य और भव्य नजारा दिखा महाकुंभ में। हर ओर सिर्फ भीड़ ही भीड़ थी। हर कोई मां गंगा में अपनों संग डुबकी लगा रहा था।