हथिगवां थाना क्षेत्र के मलाका रजाकपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को जेट्रोफा का फल खाने से आठ बच्चों की हालत बिगड़ गई। स्कूल में मिल डे मील के समय बच्चे बाहर चले गए थे। थोड़ी देर बाद उनकी हालत बिगडने लगी। शिक्षकों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। इसके बाद उन्हें कुंडा सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उन्हें एसआरएन प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया।
हथिगवां थाना क्षेत्र के मलाका रजाकपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय व पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार दोपहर बच्चों को मध्याह्न भोजन बांटा जा रहा था। इस दौरान कुछ बच्चे खेलते हुए बाहर चले गए। वहां कई बच्चों ने जेट्रोफा का फल खा लिया। बाद में स्कूल में उनकी हालत बिगडने लगी। इस पर शिक्षकों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन उन्हें कुंडा सीएचसी ले गए।
सीएचसी में सचिन (12) पुत्र सुरेश कुमार, सुधांशु (10) पुत्र राकेश, सलोनी (10) पुत्री घनश्याम, करन (12) पुत्र लालजी, आर्यन (10) पुत्र सुरेश, सनम (8) पुत्र संतोष, दिव्यांशु (8), प्रियांशु (2) पुत्र दिनेश का चिकित्सकों ने इलाज किया। बाद में हालत गंभीर देख उन्हें एसआरएन प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चे स्कूल से दूर खेलने के लिए गए। हालांकि इस बारे में शिक्षक कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। शिक्षकों की लापरवाही की जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।