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एक बीघा खेत में होगा 14 क्विंटल गेहूं

Tue, 13 Sep 2016 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
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किसानों को अधिक अन्न उपजाने के लिए अब नई तकनीक से खेती करने के गुर सिखाए जाएंगे। उन्हें नई प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग ने दस साल पुराने बीजों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग का ऐसा मानना है कि पुरानी प्रजाति के बीजों में उत्पादन की क्षमता कम होती है। पुराने बीजों से किसान एक बीघे में अधिकतम छह क्विंटल ही उत्पादन ले पाते हैं। विभाग का दावा है कि नई तकनीक और नई प्रजाति के बीज से एक बीघे खेत में14 क्विंटल गेहूं पैदा किया जा सकता है।

जिले के किसानों को गेहूं उत्पादन में नया मंत्र देने की तैयारी कृषि विभाग कर रहा है। एक बीघे खेत में छह क्विंटल गेहूं का उत्पादन कर खुश होेने वाले किसानों की खुशी उस समय दोगुनी हो जाएगी जब उनके खेत में ढाई गुना गेहूं की उपज होगी।
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नई तकनीक से किसानी करने पर होगा जोरः
कृषि विभाग किसानों को खेती करने के पुराने तौर तरीके छोड़कर नई तकनीक का प्रयोग करने पर जोर देगा। अभी तक छिड़काव विधि से गेहूं की बुवाई करने वाले किसानों को कूड़ में बुवाई के लिए प्रेरित किया जाएगा। गेहूं की बुवाई करने के लिए अधिक मजदूरों की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि सीडड्रिल और जीरोटिल मशीन से लाइन में गेहूं की बुवाई होगी।
विभाग ने किसानों को सस्ता शोधित नया बीज मुहैया कराने के  लिए व्यापक योजना तैयार की है। 14 रुपये प्रति किग्रा सब्सिडी पर मिलने वाला नया बीज किसानों को सरकारी गोदामों से मिलेगा। कृषि विभाग में पंजीकरण कराने वाले किसानों को बीज और सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

बीज खरीदते समय किसानों को गेहूं के मूल्य की संपूर्ण धनराशि चुकता करनी होगी। सब्सिडी की राशि विभाग सीधे किसानों के खाते में भेज देगा। जिले में 1,44000 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। इसमें अधिकांश किसान गेहूं के बीज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। कृषि विभाग के अफसर बताते हैं कि सीडड्रिल और जीरोटिल के जरिए गेहूं की बुवाई करने पर खेत में खाद और बीज एक साथ पहुंच सकेगा। बीज और खाद साथ में मिलने से उसमें उत्पादकता का असर तेजी से होगा और तेजी से पौधे के  विकास के साथ ही उत्पादन अधिक होगा।
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किसान पुराने बीज और खेती करते हैं, इसीलिए उनके अपेक्षा के  अनुरूप अन्न का उत्पादन नहीं होता है। गांव का सामान्य किसान एक बीघे में अधिकतम छह क्विंटल गेहूं का उत्पादन कर पाता है। मगर नई विधि और नए बीज का प्रयोग करके वह एक बीघे में 14 क्विंटल गेहूं का उत्पादन कर सकता है। यह प्रयोग अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
डीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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