11,456 फर्जी राशनकार्ड निरस्त
ई-पॉस मशीन ने बिगाड़ा कोटेदारों का खेल, अभी तक प्रतिमाह खारिज होता था राशन
जिले में 5,80,284 परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत मिलता है राशन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के कोटेदारों की कमाई पर ई-पॉस मशीन ने बट्टा लगा दिया है। फर्जी राशनकार्ड बनवाकर प्रतिमाह राशन हजम करने वाले कोटेदारों को उस समय झटका लगा, जब ई-पॉस मशीन से अंगूठा लगाकर राशन वितरण की अनिवार्यता कर दी गई है। विभाग के इस पहल से 11,456 फर्जी राशनकार्ड अब तक निरस्त किए जा चुके हैं। हालांकि अभी भी प्रॉक्सी विधि से होने वाले वितरण में भी खेल किया जा रहा है।
जिले में लागू राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत 5,80,284 परिवारों को प्रतिमाह दो रुपये किग्रा गेहूं और तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से चावल का वितरण किया जाता है। तहसीलों में तैनात पूर्ति निरीक्षक कोटेदारों पर विश्वास करके फर्जी राशन कार्ड बना दिया। कोटेदार राशनकार्डों के आधार पर राशन उठाते और फर्जी राशनकार्डो के हिस्से का राशन खुले बाजार में बेचकर जेब भरते थे। मगर विभाग ने इन दिनों कोटेदारों को ई-पॉस मशीन में लाभार्थी का अंगूठा लगाकर ही राशन वितरण करने को कहा है। अब कोटेदारों के समक्ष समस्या यह खड़ी हो गई है कि उन राशनकार्डों के मुखिया का अंगूठा कहां से लगवाएं। इससे लगातार तीन माह से 11,456 राशनकार्ड धारकों ने राशन नहीं लिया। विभाग ने इन राशनकार्डों को निरस्त करते हुए छूटे हुए और दैवीय आपदा के पीड़ित परिवारों का नाम शामिल किया जा रहा है।
अपात्रों को हटाने और पात्रों को जोड़ने का चल रहा अभियान
जिले में अपात्रों के नाम बने राशनकार्डों को हटाने और नए राशन बनाने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। जिस राशनकार्ड में यूनिट कम है, उसे लाभार्थी स्वयं फीड करवा सकता है।
अंगूठा लगाकर अभी तक 70.21 प्रतिशत हो रहा वितरण
राशनकार्ड धारकों को शत-प्रतिशत अगूंठा लगवाकर राशन वितरित करने को कहा गया है। मगर आलम यह है कि जिले भर में अभी 70.21 प्रतिशत ही राशन अंगूठा लगाकर वितरित किया जा रहा है। अधिकांश दुकानदार ऐेसे हैं, जो मशीन नहीं चलने का बहाना बताकर पर्ची से राशन वितरित कर रहे हैं।
25 तारीख के बाद नहीं होता राशन का वितरण
प्रत्येक महीने में राशन वितरण के लिए 05-25 तक तिथि निश्चित की गई है। 25 तारीख के बाद किसी भी लाभार्थी को राशन वितरित नहीं किया जाता है। कोटेदारों के पास जो राशन बच जाता है, उसे अगले माह में जोड़ दिया जाता है।
जिले में 11,456 अपात्रों का नाम राशनकार्ड निरस्त किया जा चुका है। जो पात्र हैं और जिसके आवेदन पर बीडीओ की संस्तुति आ रही है, उसे नए लाभार्थी के रुप में शामिल किया जा रहा है।
सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी