गोरखपुर जिले में आने वाले चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र से ईश्वर चन्द जायसवाल निर्दल प्रत्याशी के तौर पर किस्मत आजमाने जा रहे हैं। जानिए उनके प्रोफाइल के बारे में-
गोरखपुर जिले का चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र सदैव राजनीतिक उपेक्षा का शिकार रहा है। इस राजनीतिक उपेक्षा के चलते इस क्षेत्र का विकास भी रुक गया है। रोजगार के लिए पलायन इस क्षेत्र में आम बात है। चौरी-चौरा के किसी भी नेता ने अब तक क्षेत्र के विकास के लिए कोई कार्य नहीं किया है, न ही जनता की समस्याओं को दूर करने का कोई प्रयास किया है। क्षेत्र की जनता इस उपेक्षा से परेशान है। ऐसे में चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र के लिए ईश्वर चन्द जायसवाल उर्फ गुड्डू भईया एक उम्मीद बनकर उभरे हैं, जिन्होंने जनता से वादा किया है कि वे नए उद्योग-धंधे लगाकर इस क्षेत्र को विकास के रास्ते पर लाएंगें और इस ऐतिहासिक धरती की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बनी रहे इसके लिए कार्य करेंगें।
ईश्वर चन्द जायसवाल के राजनीतिक कैरियर का शुरुआत वर्ष 1988 में हुआ जब ये चौरी-चौरा के अंतर्गत सरदार नगर के ब्लाक प्रमुख चुने गए और लगातार 3 कार्यकाल 1995 से 2005 तक निर्विरोध ब्लाक प्रमुख और जिला प्रमुख संघ के अध्यक्ष चुने गए। ईश्वर चन्द जायसवाल ने आज तक किसी भी चुनाव में किसी से आर्थिक सहयोग और चंदा नहीं लिया। चौरी-चौरा की जनता इस बार स्थानीय ईमानदार जनप्रतिनिधि को चुनना चाहती है जो अपना विकास न कर चौरी-चौरा का विकास करें। ऐसे में ईमानदार और कर्मठ छवि वाले नेता, ईश्वर चन्द जायसवाल की उम्मीदवारी क्षेत्र में काफी मजबुत नजर आ रही हैं।
ईश्वर चन्द जायसवाल को पूर्ण विश्वास है कि इनकी कार्यशैली और ईमानदारी छवि को देखते हुए इस बार उन्हें जनता का प्यार और आशीर्वाद मिलेगा। इनका जनता से वादा है कि वे जनता के इस प्यार को कभी भी ठेस नहीं पहुचाएंगें और इस ऐतिहासिक धरती की पहचान अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बनी रहे इसके लिए सदैव प्रसासरत रहेंगे।
ईश्वर चन्द जायसवाल की इच्छा है कि जिस तरह से ब्लाक प्रमुख रहते हुए इन्होंने जो विकास का कार्य किया है उसी तरह से पूरे चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र का चौमुखी विकास करें। चौरी-चौरा का विकास ही इनकी प्राथमिकता है। कार्य को लेकर इनकी गंभीरता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे ब्लाक में ऐसा कोई गांव नहीं है जहां इनके द्वारा कार्य का बोर्ड न लगा हो। जैसे सड़क, खड़ंजा, पुलिया, पोखरा, सौंदर्यीकरण इत्यादि। पूरे प्रदेश का सबसे बड़ा सभागार सरदार नगर में ही है जो इन्होंने ही बनाया है। यह इस बात का गवाह है कि इन्होंने इसे पूरी ईमानदारी और पूरे संसाधनों से बनवाया है।
ईश्वर चन्द जायसवाल का जनता से वादा है कि अगर इन्हें मौका मिला तो ये क्षेत्र में विकास करेंगें। हर हाथ को काम मुहैया कराएंगें ताकि क्षेत्र से पलायन ना हो। साथ ही चौरी-चौरा क्षेत्र में बेहतर शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। शिक्षा पर इनका शुरू से ही ध्यान रहा है क्योंकि क्षेत्र में इनके पिता जी द्वारा 1960 में स्थापित दो इंटर कालेज और तीन डिग्री कालेज संचालित है। इनके पिता जी भी चौरी-चौरा नगर पंचायत के चेयरमैन रहे हैं।
ईश्वर चन्द जायसवाल चौरी-चौरा ही नहीं वरन पूरे पूर्वांचल की आवाज बनने जा रहे हैं, जहां से केवल विकास, शिक्षा और रोजगार की बात होगी। लेकिन अंतिम फैसला तो जनता को करना है, देखना होगा कि चौरी-चौरा क्षेत्र की जनता आगामी विधानसभा चुनावों में ईश्वर चन्द जायसवाल को अपने प्रतिनिधि के रुप में चुनती है या नहीं?