मोहल्ला नई बस्ती निवासी 20 वर्षीय मनीष कुमार ने अज्ञात कारणों के चलते
कमरे के अंदर गले में फांसी का फंदा डाल लिया और पंखे से लटकर आत्महत्या कर
ली। घर वाले आत्महत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस ने शव को
पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मोहल्ला नईबस्ती निवासी जगदीश मिश्रा ने
बताया कि उनके चार बेटे हैं। तीन दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं। तीसरे
नंबर का बेटा मनीष घर पर रहता था। वह एआरटीओ पर एजेंट था। उन्होंने बताया
कि मनीष की शादी तय हो रही थी। उसे देखने वाले भी हफ्ते भर में आने वाले
थे। शुक्रवार की रात मनीष ने मां मिथलेश कुमारी, भांजी और उनके साथ बैठकर
टीवी देखी और वहीं खाना खाया।
खाना खाने के बाद रात 12 बजे के करीब वह
अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह मां मिथलेश कुमारी उसे चाय देने गईं तो
दरवाजे भिड़े हुए थे। दरवाजा खोलते ही उनकी नजर पंखे से झूल रहे बेटे पर
पड़ी। कुर्सी उसके पैरों से नीचे पड़ी थी। बेटे का शव लटकते देख वही चीख
पड़ीं। घर में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ भी जुट गई।
मनीष
ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया? इस बाबत पूछने पर परिवार वालों ने
अनभिज्ञता जाहिर की है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि घटना स्थल
पर मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत हो
रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।