पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में बीसलपुर व बिलसंडा ब्लाक में शनिवार को हुए मतदान में युवा मतदाताओं में खासी जागरूकता देखी गई। ज्यादातर युवाओं का कहना था कि हमने वोट उसी को दिया है जो हमारे काम आए और विकास कराए। घंटों लाइन में खड़े होकर वोट डालने के बाद पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। इन युवाओं का कहना था कि हमने सोच समझकर मतदान किया है, जिससे पांच साल तक पछताना न पड़े।
गांव भदेनकंजा निवासी अमन चौहान कहते हैं कि मेरे साथी जिन्हें वोट देने को कह रहे थे, उनके नाम बड़े हैं। मगर हमने दो घंटे लाइन में खड़े होने पर तय कर लिया कि वोट सिर्फ उसी को देना है जो गांव का विकास कराएगा। इसी गांव के आदित्य सिंह का कहना था कि बड़े-बड़े वायदे करने वाले नेताओं पर भरोसा नहीं है। इसीलिए अपनी समझ से काम करने वाले प्रत्याशी को वोट दिया है। बड़ा गांव की प्रीती मौर्य का कहना है कि गांव में सड़क से लेकर बिजली तक की समस्या है। ऐसे में जो हमें ठीक लगा उसको वोट दे दिया है। मतदान करने आई पहुंची वंदना कहती है कि मैंने पहली बार ही वोट डाला है। वोट देने के समय गांव व क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखा है। दमूपुरा गांव की स्मृति ने भी पहली बार मतदान किया। वह कहती है कि कई दिन से लोग वोट मांगने आ रहे थे, लेकिन घर में तय किया गया कि कामकाजी प्रत्याशी को जिताना है, जो हमारे मौके पर हमारे साथ खड़ा हो सके।
पहली बार वोट डालने वालों में रहा जोश
बीसलपुर। पहली बार वोट डालने वाली गांव नवदिया सितारगंज की अनामिका और प्रीति का कहना था कि उन्हें अबकी पहली बार देश का नागरिक होने का एहसास हुआ है। चुर्रासकतपुर की पूजा और आरती का कहना था कि वोट डालने से नई खुशी मिली। परेवा निवासी आंचल सिंह, गोल्डी सिंह, संध्या शर्मा और अंकित कुमार का कहना था कि वोट डालने पर अपने अधिकार का अहसास हुआ। गांव मीरपुर वाहनपुर निवासी आशिक और मोहम्मद इरशद का कहना है कि हम बाहर पढ़ते हैं। मगर लोकतंत्र के पर्व में शामिल होने के लिए गांव आए हैं।